
जिंदगी सस्ती नहीं, संभाल कर रखे
नीमकाथाना में बाइक, ऑटो से लेकर बस में हो रही ओवरलोडिंग
नीमकाथाना. शहर में प्रतिदिन सवारियों से भरकर गुजरने वाले ओवरलोडिंग वाहनों पर पुलिस का कोई खौफ नहीं है। यहां तक की लोगों को खुद की और अपनों की जान की तक परवाह नहीं है। बाइक, ऑटो और बस में ओवरलोडिंग हो रही है। यहां तक की ओवरलोड वाहन कोतवाली व सदर थाना के सामने से बेधडक़ गुजरते हैं। कोतवाली थाना के सामने से नयाबास,सुरपुरा गुड्डा आदि गांवों की तरफ तो सदर थाना के सामने से भूदोली,गणेश्वर आदि गांवों में जाने वाले दिनभर सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। पत्रिका टीम ने खेतड़ी मोड़, शाहपुरा रोड, कपिल अस्पताल के सामने हर एक मिनट में बाइक पर चार सवार स्पीड से गुजर रहे थे तो दोपहर में स्कूली बसों के गेट पर बच्चें लटककर सफर कर रहे थे। इसके अलावा ऑटो चालक भी छोटे-छोटे बच्चों व सवारियों को आगे बैठाकर गुजर रहे थे। उधर कोतवाली के कोतवाल श्रीराम ने कहा कि शहर में सवारियों से भरे ओवरलोड वाहनों पर जल्द ही कार्रवाई शुरू की जाएगी।
होद में गिरे सांड को बाहर निकाला
नांगल (नाथूसर). नांगल गांव में वार्ड ६ रैगर मोहल्ले में बुधवार सुबह एक आवारा सांड घर के बाड़े में बने पानी के होद में गिर गया, जिसे लोगों ने बड़ी मशक्त से होद की दीवार तोडक़र बाहर निकाला। भगवान सहाय रैगर ने बताया कि बुधवार सुबह एक आवारा सांड उनके बाड़े में घुस आया। बाड़े में पानी के लिए जमीन में होद बनाया हुआ था। सांड का पैर होद के ढक्कन पर आ गया जिससे होद का ढक्कन टूट गया और सांड पन्द्रह फीट गहरे होद में गिर गया। होद की चौड़ाई कम होने के कारण सांड उसमें फंस गया। इसके बाद स्थानीय ग्रामीणों ने अपने स्तर पर प्रयास कर होद के पास खुदाई करके होद की दीवार तोड़ी और सांड को बाहर निकाला और उसको उपचार दिया। सांड को बाहर निकालने के लिए चौथमल मीणा ठेकेदार, हजारीलाल, रामकिशोर रैगर व रामचन्द्र मीणा ने तीन घंटे मशक्त करके खुदाई कर दीवार तोड़ी।
इधर दांता में सांड ने तीन को घायल
दांतारामगढ़ . दांता में बुधवार को एक सांड बेकाबू हो गया। सांड ने तीन जनो को चपेट में लेकर घायल कर दिया। सात घंटे बाद सांड को बड़ी मशक्कत के बाद काबू किया गया। दांता के बागवाली बगीची के पास मुस्लिम मोहल्ले में एक सांड बुधवार को सवेरे की बेकाबू हो गया। पहले तो सांड ने एक एक कर तीन लोगों को चोटिल कर दिया। इसके बाद सरपंच को इसकी सूचना दी गई। सरपंच ने उपखण्ड अधिकारी को इसकी सूचना दी तो ग्राम पंचायत व पशुपालन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से सांड पर काबू पाया। सांड एक नोहरे में घूस गया तो पानी की खाली टेंकर वाले दो ट्रेक्टर मंगवाकर पहले तो नोहरे को बंद किया उसके बाद रस्सा डालकर उसे पेड़ से बांधा व बेहोशी का इंजेक्शन लगाया गया। सरपंच हरकचंद जैन ने बताया कि सांड कोई जहरीला जानवर खा जाने से भडक़ गया।