
सीकर. निशुल्क दवा योजना का लाभ आम आदमी तक पहुंचे इसके लिए चिकित्सा विभाग ने प्रदेश स्तर पर एक हैल्पलाइन नम्बर जारी किया हैं लेकिन हकीकत यह है कि निशुल्क दवा काउंटरों पर मरीजों को इस हैल्पलाइन नम्बर के बोर्ड तक नहीं है। इसके अलावा कर्मचारी भी इसकी जानकारी नहीं दी जाती है। मजबूरी में मरीजों को घंटो लाइन में खड़े करने के लिए जवाब मिलता है कि पर्ची पर लिखी चार में से तीन दवा बाहर से लेनी पडेगी।
कई बार काउंटरों पर मौजूद कर्मचारी लाइन होने के बावजूद खिडक़ी बंद कर लेते हैं। इससे मरीजों को थकहार कर खाली हाथ लौटना पड़ता है। रही सही कसर इंतजार के बाद दवा काउंटर बंद होने से हो जाती है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन जयपुर से आपूर्ति नहीं के कारण ही दवा नहीं मिलने का हवाला दे रहा है।
नहीं हुई कोई कार्रवाई
भुंवाला के बिरदाराम और सुरेश ने सुबह करीब दस बजे अस्पताल की ट्रोमा यूनिट में चिकित्सक को दिखाया। चिकित्सक ने दो दवा लिखी। दोनो ही दवा निशुल्क काउंटर पर नहीं मिली। इसके बाद अस्पताल परिसर में दूसरी डीडीसी पर गए वहां भी दवा नहीं मिली तो उसने हैल्पलाइन ०१४१ २२२८०५९ पर शिकायत की। सुरेश ने दावा किया हैल्प लाइन नम्बर से अस्पताल में दवा उपलब्ध होने का दावा किया गया साथ ही उसने संबंधित फार्मासिस्ट से बात करवाने को कहा लेकिन फार्मासिस्ट ने बात करने इंकार कर दिया। मजबूरी में उन्हें बाहर मेडिकल स्टोर से दवा खरीदनी पड़ी।
कर सकते हैं शिकायत
बेहतर तकनीक के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए चिकित्सा विभाग ने हैल्पलाइन नम्बर जारी किए थे। ये हैल्पलाइन नम्बर सुबह दस से शाम पांच बजे खुले रहते हैं। जिस पर निशुल्क दवा नहीं मिलने पर संबंधित फार्मासिस्ट की शिकायत की जा सकती है। शिकायत के दौरान हैल्पलाइन पर मौजूद कर्मचारी ऑनलाइन संबंधित डीडीसी का ऑनलाइन रिकार्ड देखते हैं और फार्मासिस्ट से बात करके चिक्त्सिा संस्थान के प्रभारी को शिकायत भेजते हैं। शिकायत की पुष्टि होने पर ही संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई होती है।