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नीमकाथाना में 34 बीघा सरकारी जमीन पर माफियाओं ने काट दी कॉलोनी

नीमकाथाना जिला बनते ही भूमाफिया ऐसे सक्रिय हुए कि वे सरकारी भूमि पर भी कब्जा कर प्लॉङ्क्षटग करने से बाज नहीं आ रहे। शहर में चला की ढाणी के पास काटी गई अवैध कॉलोनी में लोगों ने प्लॉट भी खरीद लिए। शिकायतकर्ता धर्मपाल सैनी व पूरणमल यादव द्वारा गोड़ावास पंचायत में स्थित 34 बीघा सरकारी जमीन पर माफियाओं द्वारा कब्जा कर प्लॉङ्क्षटग करने का मामला कलक्टर की जनसुनवाई उठाया तो राजस्व अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।
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Feb 07, 2024
नीमकाथाना में 34 बीघा सरकारी जमीन पर माफियाओं ने काट दी कॉलोनी
नीमकाथाना में 34 बीघा सरकारी जमीन पर माफियाओं ने काट दी कॉलोनी

नीमकाथाना. नीमकाथाना जिला बनते ही भूमाफिया ऐसे सक्रिय हुए कि वे सरकारी भूमि पर भी कब्जा कर प्लॉङ्क्षटग करने से बाज नहीं आ रहे। शहर में चला की ढाणी के पास काटी गई अवैध कॉलोनी में लोगों ने प्लॉट भी खरीद लिए। शिकायतकर्ता धर्मपाल सैनी व पूरणमल यादव द्वारा गोड़ावास पंचायत में स्थित 34 बीघा सरकारी जमीन पर माफियाओं द्वारा कब्जा कर प्लॉङ्क्षटग करने का मामला कलक्टर की जनसुनवाई उठाया तो राजस्व अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। तहसीलदार ने नायब तहसीलदार वीपी ङ्क्षसह नरूका तथा गोडावास व चला की ढाणी पटवारी से जब मामले की जांच करवाई तो सच्चाई सामने आई। इस तहसीलदार महेश ओला ने कब्जाधारियों के खिलाफ धारा 91 की कार्रवाई तथा मौके पर यथास्थिति रखने के आदेश दिए है। वही माफियाओं ने खातेदारी जमीन पर बिना स्वीकृति कच्ची सड़के बनाकर प्लॉङ्क्षटग करने के पर धारा 177 की कार्रवाई के लिए उपखंड अधिकारी को लिखा जाएगा।

प्लॉट खरीदे गरीबों की सुनने वाला कौन

माफियाओं ने जिस सरकारी भूमि पर प्लॉङ्क्षटग कर गरीबों को बचे दिए। ऐसे में बड़ा सवाल ये उठता है कि जिन लोगों ने माफियाओं से प्लॉट खरीदे हैं उनकी सुनने वाला कौन है। मामला उच्च स्तरीय अधिकारियों तक पहुंच गया है। ऐसे में यहां विभाग कभी ना कभी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर सरकारी जमीन को अपने कब्जे में जरूर लेगा। ऐसे में लोगों के पास दुखों का पहाड़ टूटने के अलावा कुछ नहीं बचेगा।

जांच में निकल सकते हैं ऐसे कई मामले

जिम्मेदार अधिकारी यदि क्षेत्र में काटी गई अवैध कॉलोनियां की अगर जांच करवाएं तो इस तरह के कई मामले उजार होने की संभावना बताई जा रही है। क्षेत्र में माफियाओं द्वारा काटी गई दर्जनों कॉलोनियां बिना स्वीकृति के ही सामने आएगी, जो स्वीकृति लेकर कॉलोनियां काटी है उनमे नियमों की पालना नहीं की गई है। माफियां तो प्लॉट बेचकर पीछे हट जाते है बाद में मरना प्लॉट खरीदने वालों का हो जाता है।

Published on:
07 Feb 2024 10:01 am