सीकर

शहीद को सलाम: दहलीज पर मां दिनभर करती रही अपने लाल का इंतजार, पार्थिव देह को देखने के लिए पल पल भारी

अपने लाल की एक झलक पाने के लिए लोगों का हुजूम दिन भर गांव में जमा रहा। शहीद के गांव से सुबह से लाल के सम्मान में जयघोष होने लगा।
less than 1 minute read
Jan 16, 2019
martyr mahesh kumar meena funeral in reengus sikar
दहलीज पर मां दिनभर करती रही अपने लाल का इंतजार, पार्थिव देह को देखने के लिए पल पल भारी

खाटूश्यामजी.

अपने लाल की एक झलक पाने के लिए लोगों का हुजूम दिन भर गांव में जमा रहा। शहीद के गांव से सुबह से लाल के सम्मान में जयघोष होने लगा। अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों का भी मेला लगा रहा। लेकिन दिनभर के इंतजार के बाद पता लगा कि पार्थिक देह अब बुधवार को आएगी। श्रीनगर के पुलवामा में आतंकियों से मुठभेड में शहीद हुए लांपुआ के जवान महेश मीणा की पार्थिव देह मंगलवार को ही गांव पहुंचनी थी, लेकिन दिल्ली में सेना के हेलीकाप्टर में तकनीकी खराबी के कारण शव देर शाम तक जयपुर तक लाया जा सका। यहां से सडक़ मार्ग से शव रींगस थाने में लाकर रखा गया। दिल्ली से शव सेना के विशेष विमान से जयपुर लाया गया। इधर, खाटूश्यामजी में मंगलवार दोपहर तक शव पहुंचने की सूचना पर सैकड़ों की संख्या में लोग खाटू हेलीपेड पर जमा हो गए।


सैनिक कल्याण बोर्ड नीमकाथाना के अधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि हेलीपेड पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण शव जयपुर एयरपोर्ट तक ही लाया जा सका। गौरतलब है कि श्रीनगर के पुलवामा जिले के अरिपाल क्षेत्र में पांच जनवरी को आतंकियों और सीआरपीएफ के सुरक्षाबलों के बीच हुई


मुठभेड़ में सीकर जिले के खाटूश्यामजी के पास लांपुआ गांव के सैनिक महेश कुमार मीणा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनके एक गोली श्वास नली और दो कंधे पर लगी। 14 जनवरी की शाम उनका दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया।

Published on:
16 Jan 2019 10:56 am