प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान में अपने दो ट्रेक जुड़ गए हैं।
सीकर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान में अपने दो ट्रेक जुड़ गए हैं। सीकर से लोहारू वाया झुंझुनूं तथा चूरू जिले के सादुलपुर से हनुमानगढ़ ट्रेक को ग्रीन कॉरीडोर में शामिल कर लिया गया है। यहां अत्याधुनिक बायो टॉयलेट लगाए जा रहे हैं। ऐसा करने से ट्रेक पर गंदगी नहीं होगी। वातावरण दूषित नहीं होगा। सीकर-लोहारू के अलावा बाड़मेर-मुनाबाब, पीपाड-बिलाडा, सादुलपुर- हनुमानगढ तथा सूरतगढ-अनूपगढ़ को ग्रीन कॉरीडोर के रूप में स्थापित किया है। इन रेलखण्डों में संचालित सभी रेलसेवाओं में बायो-टॉयलेट लगाकर रेलवे ट्रेक पर मानव अपशिष्ट को गिरने से रोका जा रहा है।
रेलवे ट्रेक पर गंदगी होने का प्रमुख कारण मानव मल का ट्रेक पर सीधे गिरना है। इस समस्या के उचित निवारण के लिए ट्रेन के डिब्बों में स्थित परम्परागत टॉयलेट के स्थान पर बायो-टॉयलेट लगाए जा रहे हैं। बॉयोटॉयलेट प्रणाली में जीवाणु द्वारा मानव मल को पानी एवं हवा में परिवर्तित कर दिया जाता है, जिससे वातावरण स्वच्छ एवं रोगाणुरहित रहता है। अपशिष्ट को खाने के लिए अनेक जानवर ट्रेक पर आ जाते थे, इनमें से अनेक रेल से कट जाते थे, इन कारण भी ट्रेक पर गंदगी बढ़ जाती थी।
उत्तर पश्चिम रेलवे की ओर से अब तक 1407 डिब्बों में 4960 बायो-टॉयलेट लगाए जा चुके हैं। यह बायो-टॉयलेट डिब्बों में पूर्णतया और आंशिक रूप से फिट किए गए हैं। रेलवे का लक्ष्य सभी ट्रेनों के परम्परागत टॉयलेट को बॉयो-टॉयलेट में परिवर्तन करना है। यह लक्ष्य इसी वर्ष दिसम्बर तक पूरा करना है। बॉयो टॉयलेट लगाने से एक ओर जहां गन्दगी में कमी होगी, वहीं हरित पर्यावरण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान होगा।
इनका कहना है
-रेलवे का प्रयास है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए यथासंभव कार्य किए जाएं। पर्यावरण अनूकुल स्त्रोतो का अधिकाधिक उपयोग किया जाए। सीकर-लोहारू ट्रेक को ग्रीन कॉरीडोर में शामिल कर लिया गया है।
तरुण जैन, मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी, रेलवे।
यात्रियों को सुकून
सीकर, जेरठी दादिया, नवलगढ़, बलवंतपुरा चेलासी, डूंडलोद मुकुंदगढ़, नुआं, झुंझुनूं, रतनशहर, नारी खेतड़ी, चिड़ावा, सूरजगढ़ तथा भवठड़ी रेलवे ट्रेक पर अब गंदगी नहीं रहेगी। अब यहां वातावरण प्रदूषित नहीं होगा। जिससे यात्रियों एवं आस-पास रहने वाले लोगों को सुकून मिलेगा।