सीकर

बेटा सरपंच बना तो मां ने की पेंशन से एंबुलेंस देने की घोषणा, उठायेगी मरीज का पूरा खर्च

राजस्थान के सीकर जिले मेंं बेटे के सरपंच बनने पर एक मां फूले नहीं समाई।

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Jan 19, 2020
बेटा सरपंच बनने पर मां पेंशन से गांव को देगी एंबुलेंस, उठायेगी मरीज का पूरा खर्च

सीकर. राजस्थान के सीकर जिले मेंं बेटे के सरपंच बनने पर एक मां फूले नहीं समाई। इस ख़ुशी में मां ने गांव में मरीजों की सुविधा के लिए एंबुलेंस भेंट करने की घोषणा कर दी। यही नहीं इस मां ने मरीज को अस्पताल तक पहुंचाने का पूरा खर्च उठाने का ऐलान भी किया है। मामला नीमकाथाना तहसील के गांवड़ी गांव का है। जहां 17 जनवरी को पंचायत चुनाव में शेर सिंह तंवर ने सरपंच का चुनाव जीता है। मां धर्म कंवर को यह जानकारी मिली तो वह बेहद खुश हुई और उसने गांव को एक एंबुलेंस की सौगात देने की घोषणा कर दी। धर्म कंवर ने दिवंगत पति रावतसिंह सूबेदार की पेंशन राशि से यह एंबुलेंस देना तय किया है। जिसकी अब पूरे जिले में चर्चा है।

गणतंत्र दिवस पर करेंगी भेंट


धर्म देवी का कहना है कि वह एंबुलेंस गांव के मरीजों को उपचार के लिए दूर दराज क्षेत्र में ले जाने के लिए भेंट करेगी। ताकि कोई भी मरीज इलाज के अभाव में दम नहीं तोड़ेे। यह एम्बुलेंस 26 जनवरी को विद्यालय में गणतंत्र दिवस समारोह में दी जायेगी। धर्म कंवर ने बताय मरीज को शहर तक पहुंचाने के लिए पूरा खर्चा हमारा होगा। धर्म कंवर का कहना था मेरे पति सूबेदार भी अपनी पेंशन राशि गौ सेवा व गरीबों की मदद में खर्च करते थे। उसी मिशन को वह आगे बढ़ाकर मरीजों की सेवा करना चाहती है। बकौल धर्म कंवर वह अपने बेटे सरपंच को भी ईमानदारी से काम करने का पाठ पढ़ाती है। रौचक यह भी है कि गांव में 40 साल बाद राजपूत समाज से कोई गांव का मुखिया बना है।

Updated on:
19 Jan 2020 07:10 pm
Published on:
19 Jan 2020 07:07 pm
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