सीकर

विदेशी संकट से चमकी सरसों: समर्थन मूल्य से ज्यादा भाव

 सीकर.अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के चलते खाद्य तेलों की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका सीधा फायदा शेखावाटी सहित प्रदेश के सरसों उत्पादक किसानों को मिल रहा है। मंडियों में सरसों के भाव समर्थन मूल्य से ऊपर जाकर सात हजार रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं,

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Mar 31, 2026

सीकर.अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के चलते खाद्य तेलों की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका सीधा फायदा शेखावाटी सहित प्रदेश के सरसों उत्पादक किसानों को मिल रहा है। मंडियों में सरसों के भाव समर्थन मूल्य से ऊपर जाकर सात हजार रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं, जिससे किसानों में राहत का माहौल है। वहीं समर्थन मूल्य से ज्यादा भाव होने के कारण सरकारी खरीद एजेंसी की चिंता बढ़ गई है। महज एक माह में ही आई रेकार्ड तेजी के कारण किसानों का रुझान समर्थन मूल्य पर बिक्री प्रति कम रुझान है। किसानों का कहना है कि लंबे समय बाद समर्थन मूल्य से ज्यादा भाव होने के कारण राहत मिली है कमोबेश यही हाल चना के प्रति क्विंटल भावों को लेकर है। गौरतलब है कि जिले में एक अप्रेल से सरसों 6,200 रुपए और चना की समर्थन मूल्य 5875 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीद शुरू की जाएगी।

लगातार आ रहे तेजी

व्यापारियों की माने तो आमतौर पर उपज निकलने के समय भाव कम रहते हैं लेकिन इस बार उपज निकलने की बाद सरसों के भाव बढ़ते जा तेज रहे हैं। सीकर सहित प्रदेश की कई मंडियों में सरसों के औसत भाव 6500 से 7000 रुपए/क्विंटल तक है जबकि पिछले महीने तक सरसों के भाव 5400-5800 रुपए प्रतिक्विंटल तक बोले जा रहे थे।रबी सीजन के दौरान प्रदेश सरसों का 70 लाख टन औसतन उत्पादन होता है प्रदेश में सीकर, झुंझुनूं, भरतपुर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर जिले में सरसों का उत्पादन सर्वाधिक होता है जिनकी देश में होने वाली खपत का 40-45% तक होता है।


यह है कारण

व्यापारियों के अनुसार मध्य-पूर्व में तनाव के कारण खाद्य तेलों की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। पाम ऑयल इंडोनेशिया, मलेशिया से पाम ऑयल, अर्जेंटीना, ब्राजील से सोयाबीन तेल, यूक्रेन और रुस से सूरजमुखी का तेल मंगवाया जाता है। पिछले कई दिन से समुद्री मार्गों में जोखिम और बीमा लागत बढ़ने से आयात महंगा हो गया है। जिससे जरूरत के अनुसार खाद्य तेल का आयात रुक गया है और घरेलू तेल खासकर सरसों की मांग बढ़ी। होटल-रेस्टोरेंट में भी सरसों तेल का उपयोग बढ़ गया है। व्यापारियों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय तनाव जारी रहा तो भाव और बढ़ सकते हैं

इनका कहना है

वैश्विक तनाव से खाद्य तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है, मंडी में इस समय सरसों के थोक भाव सात हजार रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। फिलहाल बाजार में तेजी का रुख किसानों के पक्ष में नजर आ रहा है।

सुभाष बूबना, थोक व्यापारी सीकर मंडी

Updated on:
31 Mar 2026 11:34 am
Published on:
31 Mar 2026 11:33 am
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