सीकर

राजस्थान में 102 साल की सरपंच बनी मिसाल, जानें सबसे बुजुर्ग महिला सरपंच की प्रेरणादायक कहानी?

National Panchayat Raj Diwas : नीमकाथाना जिले के पुरानाबास ग्राम पंचायत की 102 वर्षीय सरपंच विद्यादेवी अपने नवाचारों के दम पर पूरे प्रदेश में चर्चा में है। वह उम्र की इस दहलीज में आकर भी रोजाना ग्रामीणों से मुलाकात से लेकर प्रोजेक्टों की निगरानी के लिए खुद फील्ड में जाती है।

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Apr 24, 2024

National Panchayat Raj Diwas : देश को पंचायतीराज व्यवस्था देने वाले राजस्थान की गांवों की सरकार की भी अपनी खास पहचान है। नीमकाथाना जिले के पुरानाबास ग्राम पंचायत की 102 वर्षीय सरपंच विद्यादेवी अपने नवाचारों के दम पर पूरे प्रदेश में चर्चा में है। वह उम्र की इस दहलीज में आकर भी रोजाना ग्रामीणों से मुलाकात से लेकर प्रोजेक्टों की निगरानी के लिए खुद फील्ड में जाती है।

वहीं प्रदेश को सबसे युवा जिला प्रमुख देने का रेकॉर्ड भी सीकर जिले की पूर्व जिला प्रमुख अपर्णा रोलण के नाम है। सीकर जिले के पलसाना गांव के सरपंच रूपसिंह शेखावत कोरोनाकाल में किए नवाचारों की वजह से पीएम मोदी के मन की बात में भी जिक्र हो चुका है। उन्होंने कोरोनाकाल में श्रमिकों के लिए राजकीय स्कूल में बनाए गए क्वॉरंटीन सेंटर की रंगाई-पुताई का काम कराया था। इस पहल को पीएम मोदी ने सराहते हुए मन की बात में जिक्र किया था।

राजस्थान की सबसे उम्रदराज सरपंच विद्या देवी खुद संभालती व्यवस्थाओं की डोर

उद्देश्य बेहतर हो तो जनसेवा के लिए राजनीति से बड़ा कोई माध्यम नहीं हो सकता। अगर सरकारी योजनाओं को सही ढंग से अपनाएं तो गांव खुद ही बदल जाएंगे। यह कहना है राजस्थान की सबसे उम्रदराज गांव पुरानाबास की 102 वर्षीय सरपंच विद्या देवी का। वह इस उम्र में खुद विकास की बागडोर संभालकर मॉनिटरिंग करती है। गांव में ढांचागत सुविधाएं, जैसे-शहर से जोडऩे वाली सड़कें, पक्के मकान, बिजली, पानी और शौचालय की सुविधा विकसित करने को कई नवाचार भी किए है। कोरोनाकाल में सरंपच विद्या देवी पंचायत की मुखिया के नाते गांव में स्वयं के खर्चें पर घर-घर राशन वितरण करने की मुहिम शुरू की, जो अब तक जारी है।

साफ सफाई पर ज्यादा फोकस

राजस्थान की सबसे ज्यादा उम्र दराज सरपंच विद्या देवी का स्वच्छता पर सबसे ज्यादा फोकस है। सरपंच बनने के बाद सबसे पहले गांव की साफ सफाई व गंदे पानी की निकासी की समस्या को दूर कराया। घरों में बैठे बच्चों की पढ़ाई बाधित होते देख अपने खर्चे पर जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को कापियां-किताबें भी दिलाती है।

खंडेला: पनिहारवास सरपंच तैयार कर रही खिलाडि़यों की फौज

यदि मन में कुछ करने का जुनून हो तो तमाम चुनौतियों को मात देकर अपने सपनों की राहें खोली जा सकती है। कुछ ऐसे ही प्रेरक सरपंच है पनिहारवास गांव की संजना सैनी। एमकॉम तक पढ़ाई कर सियासत की दहलीज में पैर रखने वाली सरंपच का विजन ही ग्रामीणों की राहत की राहें भी खोल रहा है। वह गांव के सीनियर सैकण्डरी व प्राथमिक विद्यालय में खेल का मैदान भी तैयार करा चुकी है। खेल मैदानों के दम पर यहां के कई खिलाड़ी लगातार प्रदेश का मान बढ़ा रहे है। वहीं जल संरक्षण की दिशा में भी इनके नवाचार चर्चा में है।

Published on:
24 Apr 2024 08:15 am
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