
नीमकाथाना. कृषि मंडी में कार्रवाई करती एसीबी टीम। फोटो पत्रिका नेटवर्क
नीमकाथाना (सीकर)। कृषि उपज मंडी में गुरुवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने कार्रवाई करते हुए सचिव को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी पर परिवादी से दुकानों के लाइसेंस जारी करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। एसीबी के एएसपी विजय कुमार ने बताया कि परिवादी ने शिकायत दी थी कि मंडी सचिव रणधीर सिंह द्वारा चार दुकानों के लाइसेंस जारी करने की एवज में 80 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही है।
इस पर शिकायत का सत्यापन करवाया गया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। एसीबी टीम ने सुनियोजित तरीके से ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। तय योजना के अनुसार परिवादी ने आरोपी को 40 हजार रुपए की पहली किस्त दी, जबकि शेष राशि अगले दिन देने की बात तय हुई थी।
जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम ली, एसीबी टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर सीकर इकाई द्वारा पुलिस निरीक्षक सुभाष मील सहित वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में अंजाम दी गई। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के अनुसार परिवादी को पहले से दो दुकानें आवंटित हैं और उसने चार दुकानों के लाइसेंस के लिए आवेदन कर रखा था। इन्हीं फाइलों को आगे बढ़ाने और लाइसेंस जारी करने के लिए आरोपी अधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की गई थी। एसीबी अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे प्रकरण की गहन जांच जारी है। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और आमजन में एसीबी की इस कार्रवाई को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है।
सीकर कृषि उपज मंडी में अतिरिक्त सचिव के पद पर कार्यरत रणधीर सिंह के पास नीमकाथाना कृषि मंडी सचिव का अतिरिक्त प्रभार था। बताया जा रहा है कि उन्होंने कुछ ही दिनों पहले यहां पदभार संभाला था, इसके बाद मंडी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े होने लगे। सूत्रों के अनुसार उनके पदभार संभालने के बाद सब्जी मंडी को रोडवेज स्टैंड के पास से हटाकर कृषि उपज मंडी परिसर में शिफ्ट किया गया।
कृषि उपज मंडी में अनाज की नियमित खरीद नहीं होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। किसानों का आरोप है कि मंडी में उनकी उपज की खरीद नहीं की जाती, जिससे उन्हें मजबूरी में खुले बाजार में दुकानदारों के माध्यम से अनाज बेचना पड़ रहा है। इस अव्यवस्था के चलते मंडी टैक्स की चोरी की आशंका भी जताई जा रही है। जानकारों का कहना है कि यदि मंडी में सीधे खरीद नहीं होगी तो राजस्व को नुकसान होना तय है। इधर, एसीबी की कार्रवाई के बाद पूरे मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई और मंडी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
Published on:
02 Apr 2026 06:49 pm
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