17 मार्च 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan ACB Trap : बिना घूस लिए काम नहीं कर रहा था AEN, 15 हज़ार के साथ एसीबी ने किया ट्रेप, साथ में 5 लाख कैश भी मिले  

राजस्थान के नवगठित जिले ब्यावर के रायपुर मारवाड़ में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। पंचायत समिति में चल रहे भ्रष्टाचार के खेल का पर्दाफाश करते हुए एसीबी ने एक सहायक अभियंता (AEN) को रिश्वत की राशि के साथ दबोचा है।

2 min read
Google source verification

राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार देर रात रायपुर पंचायत समिति में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। एसीबी राजसमंद की टीम ने जाल बिछाकर सहायक अभियंता (AEN) प्रदीप कुमार को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से बरामद हुई भारी मात्रा में नकदी ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है।

मेजरमेंट बुक (MB) भरने के नाम पर मांगी 'बलि'

मामले के अनुसार, आरोपी सहायक अभियंता प्रदीप कुमार (निवासी कुड़ी भगतासनी, जोधपुर) ने एक परिवादी के पेंडिंग बिलों को पास करने और उनकी मेजरमेंट बुक (MB) भरने की एवज में 21 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। परिवादी भ्रष्टाचार के आगे झुकना नहीं चाहता था, इसलिए उसने इसकी शिकायत एसीबी से कर दी। सोमवार को जब परिवादी रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 15 हजार रुपये देने पहुँचा, तो एसीबी ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।

जेब से निकली लाखों की नकदी

एसीबी की टीम उस समय हैरान रह गई जब ट्रैप की कार्रवाई के बाद आरोपी प्रदीप कुमार की तलाशी ली गई। उसके पास से 5 लाख 23 हजार रुपये की अतिरिक्त नकदी बरामद हुई। इस बड़ी राशि के बारे में आरोपी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इसके तुरंत बाद एसीबी की एक टीम ने आरोपी के जोधपुर स्थित निवास पर भी छापेमारी शुरू कर दी है, जहाँ आय से अधिक संपत्ति के दस्तावेज मिलने की संभावना है।

CDPO मनीष मीणा की तलाश जारी

इस भ्रष्टाचार के खेल में केवल एईएन ही शामिल नहीं था। जांच में सामने आया कि मनीष मीणा, जो बदनोर में सीडीपीओ के पद पर तैनात है और रायपुर का अतिरिक्त चार्ज संभाल रहा था, उसने भी परिवादी के बिल पास करने के बदले 2 लाख 30 हजार रुपये की भारी-भरकम मांग की थी।

  • सौदेबाजी: बाद में यह सौदा 1 लाख 80 हजार रुपये पर तय हुआ था।
  • फरार: जैसे ही एईएन प्रदीप कुमार को पकड़ा गया, मनीष मीणा को भनक लग गई और वह मौके से फरार होने में सफल रहा। एसीबी अब उसकी तलाश में दबिश दे रही है।

एडिशनल एसपी हिम्मत सिंह चारण के नेतृत्व में कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई राजसमंद एसीबी के एडिशनल एसपी हिम्मत सिंह चारण के नेतृत्व में की गई। उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। एसीबी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।