देशभर में हाल ही हुई नीट परीक्षा 2026 सवालों के घेरे में है। परीक्षा से एक दिन पहले सीकर में बांटे गए गैस पेपर्स में से करीब 140 सवाल हूबहू आने की सूचना पर एसओजी ने उच्चाधिकारियों की टीम गठित कर जांच शुरू कर दी है। परीक्षा वाले दिन कुछ विद्यार्थियों ने सीकर के उद्योग नगर पुलिस थाने में मामले की शिकायत की थी, जब पुलिस ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो विद्यार्थियों ने एनटीए में दस्तावेज के साथ ई-मेल के जरिए शिकायत की। मामला राजस्थान के डीजीपी राजीव कुमार शर्मा तक पहुंचा तो एटीएस एंड एसओजी सक्रिय हुई।
यादवेंद्रसिंह राठौड़
सीकर . देशभर में हाल ही हुई नीट परीक्षा 2026 सवालों के घेरे में है। परीक्षा से एक दिन पहले सीकर में बांटे गए गैस पेपर्स में से करीब 140 सवाल हूबहू आने की सूचना पर एसओजी ने उच्चाधिकारियों की टीम गठित कर जांच शुरू कर दी है। परीक्षा वाले दिन कुछ विद्यार्थियों ने सीकर के उद्योग नगर पुलिस थाने में मामले की शिकायत की थी, जब पुलिस ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो विद्यार्थियों ने एनटीए में दस्तावेज के साथ ई-मेल के जरिए शिकायत की। दिल्ली से एनआइए की टीम सीकर पहुंची और जयपुर से एटीएस-एसओजी की टीमें आईं और संदिग्धाें की धरपकड़ शुरू की। मामला राजस्थान के डीजीपी राजीव कुमार शर्मा तक पहुंचा तो एटीएस एंड एसओजी सक्रिय हुई। जयपुर से आए अधिकारी पिछले दो दिन से संदिग्ध युवकों से पूछताछ में जुटे हुए हैं।
सूत्रों के मुताबिक 3 मई को नीट की परीक्षा के बाद कुछ छात्रों ने उद्योग नगर थाना में पुलिस को शिकायत की थी। जिसमें बताया कि परीक्षा से पहले जारी हुए एक गैस पेपर के करीब 140 सवाल पेपर में हूबहू आए हैं। पुलिस ने इस शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और सूचना एसपी को भी नहीं दी। शिकायतकर्ताओं को कहा कि अपना मोबाइल दे दो, जांच करवा लेंगे और उन्हें थाने से रवाना कर दिया।
शिकायतकर्ता विद्यार्थी होशियार थे, उन्होंने तुरंत नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को कुछ सबूतों के साथ ई-मेल के जरिए शिकायत की। एनटीए ने इसकी सूचना एनआइए, नई दिल्ली की टीम और राजस्थान के डीजीपी राजीव कुमार शर्मा को दी। डीजीपी ने एटीएस एंड एसओजी मामले को देखने के निर्देश दिए। एसओजी ने मिले कुछ सबूतों के आधार पर मामले की कड़ियांजोड़ना शुरू की। एटीएस एवं एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने मामले की गंभीरता को भांपते हुए एक्सपर्ट उच्च अधिकारियों की टीम गठित की और स्वयं सीकर आकर संदिग्ध युवकों व छात्रों से पूछताछ शुरू की।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक एडीजी विशाल बंसल, एसओजी के आइजी अजयपाल लांबा, एटीएस एंड एसओजी के एडीजीपी दिनेश एमएन सहित अन्य अधिकारी शुक्रवार देर रात से शनिवार तक सीकर में डेरा डाले रहे। एसओजी के अधिकारी और सीकर की पुलिस टीमें मामले की जांच कर रहे हैं। आठ संदिग्धों सहित कई छात्रों को उद्योग नगर पुलिस थाना में बुलाकर पूछताछ की जा रही है। सूत्रों ने बताया कि सीकर में नीट परीक्षा से एक दिन पहले 2 मई की रात को ही कुछ गैस पेपर आए थे। इनमें से एक में दिए गए सवालों में से फिजिक्स व बायोलॉजी के बहुत से सवाल नीट परीक्षा के पेपर में हूबहू आए थे। हालांकि इस मामले में सीकर एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
बताया जा रहा है कि पिपराली रोड, नवलगढ़ रोड के कई हॉस्टल्स में से पुलिस ने करीब 8 छात्रों और युवकों को उठाया और उद्याेग नगर थाना ले जाकर पूछताछ की। उद्योग नगर पुलिस थाना, कोतवाली, गोकुलपुरा व दादियाथानाें का पुलिस जाब्ता भी पिपराली रोड पर अलग-अलग जगह दबिश देता रहा। पिपराली रोड व आसपास के क्षेत्र में एटीएस एंड एसओजी के अधिकारी व पुलिस की टीमें छानबीन करती रही। हालांकि मामले में शनिवार रात तक पुलिस ने आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं किया है।
सूत्रों के अनुसार एटीएस- एसओजी के अधिकारीगेस पेपर से मिले इस क्लू की कड़ी से कड़ी जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। गेस पेपर और नीट के पेपर के सवालों के मिलान के साथ ही यह प्रयास किया जा रहा है कि गेस पेपर किस राज्य से सीकर में आया। जहां से भी पेपर आया, इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या सिस्टम से जुड़े लोगों ने पहले ही पेपर निकाल लिया था। नीट के मूल पेपर से छेड़छाड़ कहां और किन-किन लोगों ने की, इसकी भी जांच की जा रही है।