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कोमा में जी रहे रामलाल को मिलेगी नई जिन्दगी,पत्रिका के एक कदम से इस बेबस परिवार को मिली उम्मीद की किरण

दूर दूर तक आस की कोई किरण नजर नहीं आ रही थी, हार थककर अब तो रिश्तेदारों ने भी मुंह मोड़ लिया था,

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Feb 10, 2018

फतेहपुर. परसों तक ना तो कोई सुध लेने वाला था ना कोई ढांढ़स बंधाने वाला। जो कुछ घर पर था परिजन उसे खाकर जैसे तैसे काम चला रहे थे। कभी नियती को कोस रहे थे तो कभी भगवान को। दूर दूर तक आस की कोई किरण नजर नहीं आ रही थी, हार थककर अब तो रिश्तेदारों ने भी मुंह मोड़ लिया था, लेकिन गुरुवार को राजस्थान पत्रिका में खबर छपने के बाद स्थिति बदल गई। घर पर सार संभाल करने वालों का तांता लगा हुआ है।

गुरुवार को आर्थिक सहायता व राशन सामग्री पहुंचने के बाद शुक्रवार को भी मदद का दौर जारी रहा। शुक्रवार को कई लोगों ने मदद की पेशकश करी। वीर तेजा सेना के जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश बुरडक़ ने बताया कि शुक्रवार को तहसील अध्यक्ष अनिल मील, सुरेश बगडिय़ा, रघुवीर सिंह डारा, राकेश गोदारा, पीडि़त की पत्नी परमेश्वरी देवी व पड़ोसी नेमीचंद रणवां रामलाल को लेकर एसएमएस अस्पताल पहुंचे।

अस्पताल में न्यूरो सर्जन डॉ मुकेश भास्कर, न्यूरो फिजिसियशन डॉ अशोक गुप्ता, फिजियोथेरेपिस्ट डॉ मनोज लांबा की देखरेख में बांगड़ अस्पताल में उपचार शुरू किया गया। ट्रोमा सेंटर में ले जाके सीटी स्केन व एमआरआई करवाई गई। चिकित्सकों का कहना है कि स्थिति गंभीर है, फिर भी जांच रिपोर्ट आने के बाद इलाज की रूपरेखा बनाई जाएगी। रामलाल को ईएमटी अनुज कुमार स्वामी 108 में लेकर जयपुर गए।

समाजसेवी झाबर सिंह बिजारणियां, गुलामू खां बेसवा, केटीसी ग्रुप के चेयरमैन राज खान, बेसवा के एडवोकेट इमरान खान ने आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने की बात कही। कांग्रेसी नेता मोहम्मद शरीफ ने चिकित्सा से संबंधित खर्च उठाने की बात कही।

बच्चों का पसीजा दिल, जेब खर्च से किए इकट्ठे पैसे
रामगढ़ शेखावाटी . राजस्थान पत्रिका में गुरूवार को कोमा में बेटा, मां व पत्नी देती पहरा शीर्षक से लगी खबर के बाद स्कूली बच्चों का भी दिल पसीज गया। परिवार की मदद करने के लिए बच्चों ने अपने स्तर पर स्कूल में रूपये इकठ्ठे करने शुरू कर दिए। शेखावाटी सीनियर सैकण्डरी शिक्षण संस्थान के बच्चों ने समाचार पढऩे के बाद निदेशक सुरेश रैवाड़ को मदद करने की पेशकश की।

इसके बाद निदेशक, स्कूली स्टॉफ व बच्चों ने जेब खर्च में इच्छानुसार राशि रामलाल के लिए इकठ्ठी करनी शुरू कर दी। बच्चों ने राजस्थान पत्रिका का आभार जताते हुए ज्यादा से ज्यादा राशि इकठ्ठी करनी शुरू कर दी। राशि एकत्रित होने के बाद रामलाल के घर जाकर परिजनों को भेंट की जाएगी।

Published on:
10 Feb 2018 01:45 pm
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