गंदे पानी के भराव से वर्षों से परेशान शहर के राधाकिशनपुरा क्षेत्र के लोगों की पुकार अब लोक अदालत ने सुनी है।
सीकर. गंदे पानी के भराव से वर्षों से परेशान शहर के राधाकिशनपुरा क्षेत्र के लोगों की पुकार अब लोक अदालत ने सुनी है। क्षेत्र के लोगों के परिवाद पर स्थाई लोक अदालत ने नगर परिषद आयुक्त को गंदगी व कीचड़ की जल्द सफाई करवाकर क्षेत्र के लोगों को राहत देने आदेश दिया है। परिषद को आदेश की पालना कर 21 दिसंबर को रिपोर्ट पेश करनी होगी। सीकर का हाल के वर्षों में यह पहला मामला है, जिसमें लोक अदालत ने सरकारी मशीनरी को सक्रिय करने के लिए आदेश दिया हो।
दलदल फैला रहा है बीमारियां
नगर परिषद अभी तक शहर के राधाकिशनपुरा क्षेत्र के पानी निकासी की समस्या का समाधान नहीं कर पाया है। जगह-जगह भरे गंदे पानी की निकासी के लिए पंप सैट लगाए गए, लेकिन लोगों को समस्या से राहत नहीं मिल पाई। बारसात के दिनों में तो स्थिति बदतर हो जाती है। शहर के मोडी कोठी क्षेत्र में तो लोग घरों से बाहर भी नहीं निकल पाते। परिषद ने समस्या के समाधान के लिए सम्पवैल बनाने की योजना बनाई। इस योजना तीन वर्ष बाद भी कागजों से बाहर नहीं निकल पाई है। स्थिति यह है कि अभी तक सम्पवैल के लिए जगह के चयन को भी अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद दिया आदेश
परिवाद पर स्थाई लोक अदालत के चैयरमेन गोविन्द प्रसाद गोयल, सदस्य पुरूषोत्तम बिल्खीवाल एवं वीरेन्द्र सिंह आर्य ने नगर परिषद को उक्त घरों के सामने जमा गंदा पानी हटाकर नियमिति सफाई करवाने के आदेश दिए हैं। आदेश के बाद परिषद अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का मौका मुआयना भी किया।
धरने प्रदर्शन के बाद ली अदालत की शरण
पानी निकासी और सफाई की समस्या से परेशान क्षेत्र के लोगों ने कई बार धरने प्रदर्शन किए। लेकिन जिला प्रशासन और नगर परिषद अभी तक स्थाई समाधान की कार्य योजना नहीं बना पाए। इस पर क्षेत्र के निवासी आत्माराम बाहेती, प्रमोद अग्रवाल व नरोतम शर्मा ने अधिवक्ता अंगद तिवाड़ी के माध्यम से परिवाद पेश कर बताया कि वार्ड 39 में उनके घर के आगे गंदा पानी भरा होने से रास्ता पूरी तरह से बंद है। यहां पर जब नालियों का निर्माण किया गया तो पानी निकासी के लिए नालियों का निर्माण नहीं किया गया। ऐसे में पिछले करीब तीन वर्ष से यहां पानी भरा हुआ है।