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अब भूमिहीन को भी मिलेगा सहकारी समिति से ऋण

Now landless will get loan from cooperative society
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Jul 29, 2018
sikar loan news
अब भूमिहीन को भी मिलेगा सहकारी समिति से ऋण

अब भूमिहीन को भी मिलेगा सहकारी समिति से ऋण
पलसाना. ग्राम सेवा सहकारी समितियों से अब किसानों को कृषि कार्यों के साथ ही गैर कृषि कार्यों के लिए भी एक लाख रुपए तक का ऋण मिल सकेगा। खास बात ये होगी कि ये ऋण उन किसानों को भी मिल सकेगा जिनके जमीन नही है। ऐसे में जिले के किसानों के लिए अच्छी खबर है।
इसको लेकर जिले की चालीस ग्राम सेवा सहकारी समितियों में नाबार्ड ने पैक्स के माध्यम से कार्य भी शुरू कर दिया है और इसी को लेकर शनिवार को पलसाना ग्राम सेवा सहकारी समिति के सभा भवन में नाबार्ड की ओर से ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों की एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में किसानों को कृषि कार्यों के साथ ही अन्य आय के स्रोतो के लिए ऋण उपलब्ध करवाने और किसानों की आय में बढ़ोतरी करने को लेकर चर्चा की। इस दौरान नाबार्ड के डीडीएम एचपी चंदेल, जीएम सीकर केन्द्रीय सहकारी बैंक दिलीप कृष्णियां, प्रबंधक मुकेश निठारवाल, प्रबंधक मनोज बागड़वा, रविन्द्र गुप्ता, प्रोजेक्ट डायरेक्टर चांदनी शर्मा और समिति के मुख्य कार्यकारी महादेवसिंह ऐचरा के साथ ही पलसाना, रानोली, खंडेला, श्रीमाधोपुर, खाटूश्यामजी और दांतारामगढ़ केन्द्रीय सहकारी बैंक ब्रांचों के अधीन आने वाली ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापक मौजूद थे।
एक लाख रूपयों तक का मिलेगा ऋण
किसानों को कृषि कार्यों के साथ अब डेयरी, सब्जी की दुकान, परचूनी की दुकान अन्य व्यापार और महिलाओं को स्वयं सहायता समूह के लिए एक लाख रूपयों तक का ऋण कम ब्याज पर उपलब्ध करवाया जायेगा। इसके लिए नाबार्ड ने पलसाना, रानोली, खंडेला, श्रीमाधोपुर, खाटूश्यामजी और दांतारामगढ़ की सीकर केन्द्रीय सहकारी बैंक की ब्रांचों की करीब चालीस ग्राम सेवा सहकारी समितियों से ऋण के लिए डिमांड ली है और समितियों ने करीब 50 करोड़ रूपयों के ऋण की डिमांड इस प्रकार के ऋण वितरण के लिए रखी है। जल्द ही ये राशि उपलब्ध करवा दी जायेगी और इसके बाद ऋण वितरण का कार्य शुरू कर दिया जायेगा।
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू होगा कार्य
जिले में अभी से कार्य केवल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा रहा है। नाबार्ड अभी जिले की करीब चालीस समितियों में ही यह कार्य शुरू करेगी। इसके बाद आने वाले दिनों में ये ऋण जिले की सभी दो सौ समितियों को उपलब्ध होगा और भूमिहीन किसान भी ये ऋण लेकर अपना व्यापार या रोजगार का कोई साधन चला सकेंगे। जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी हो सके।

Updated on:
29 Jul 2018 08:28 pm
Published on:
29 Jul 2018 08:28 pm