सीकर

गोभी के फूल ने दिलाया राजस्थान के किसान को ‘पद्मश्री’, गांव में जाने जाते है वैज्ञानिक

यदि मन में कुछ करने का जुनून हो तो मुसीबत राह से हट जाती है। कुछ ही साबित कर दिखाया है किसान जगदीश पारीक ने। पारीक को गणतंत्र दिवस पर पद्म श्री पुरस्कार के लिए नामित किया गया है।
2 min read
Jan 28, 2019
यदि मन में कुछ करने का जुनून हो तो मुसीबत राह से हट जाती है। कुछ ही साबित कर दिखाया है किसान जगदीश पारीक ने। पारीक को गणतंत्र दिवस पर पद्म श्री पुरस्कार के लिए नामित किया गया है।
गोभी के फूल ने दिलाया राजस्थान के किसान को 'पद्म श्री'

नांगल नाथूसर.

यदि मन में कुछ करने का जुनून हो तो मुसीबत राह से हट जाती है। कुछ ही साबित कर दिखाया है किसान जगदीश पारीक ने। पारीक को गणतंत्र दिवस पर पद्म श्री पुरस्कार के लिए नामित किया गया है। जैविक खेती करने वाले अजीतगढ के मूल निवासी 70 वर्र्षीय किसान जगदीश पारीक रासायनिक उर्वरक व कीटनाशको का प्रयोग करने की जगह जैविक उर्वरक काम में लेते है। जैविक विधि से कृषि में नवाचार करने वाले किसान पारीक का नाम 2011 में ग्यारह किलो वजन की फूलगोभी पैदा करने पर लिम्का बुक रिकार्ड में उनका नाम दर्ज हुआ। इसी वर्ष आईएनएफ ने उनके द्वारा विकसित किस्म अजीतगढ सलेक्शन के लिए 25 हजार का नेशनल अवार्ड प्रदान किया। 18 जनवरी 2017 को सीकर में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को 25 किलो वजन की गोभी भेंट की। पारीक ने जैविक खेती की शुरूआत 1970 में की उस समय पिता के देहांत के कारण अध्ययन बीच में छोडना पडा और खेती की शुरूआत की।

Read More:


गोभी की फसल से की शुरूआत
पारीक खेती के लिए जैविक खाद पूर्णतया गोबर व केचुंओ से प्राकृतिक विधि से तैयार करते है। क्षेत्र के किसानो को कृषि संबधी सलाह भी निशुल्क देते है। किसान उनसे जैविक खेती की जानकारी लेने आते है।

विश्व रेकार्ड बनाने पर नजर
पारीक का फिलहाल पूरा ध्यान छब्बीस किलो से अधिक की गोभी का उत्पादन कर विश्व रेकार्ड बनाने पर है। पारीक ने बताया कि भारत सरकार द्वारा उनका नाम कृषि में पद्म श्री पुरस्कार के लिए नामित करना यहां के सभी किसानों का सम्मान है।

अब तक यहां मिला सम्मान
पारीक ने स्वयं द्वारा विकसित बीज किस्म अजीतगढ सलेक्शन से उत्पादित गोभी पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ,एपीजे कलाम ,प्रणव मुखर्जी, तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ,पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ,राज्यपाल मागर्रेट अल्वा को भेट कर चुके है। 6 बार राष्ट्रपति भवन में शिरकत कर चुके है। राष्ट्रपति पुरस्कार भी मिल चुका है। पारीक अपने खेत में पन्द्रह किलो वजनी गोभी का फूल,बारह किलो वजनी पत्ता गोभी, 86 किलो वजनी कद्दू ,छ फीट लंबी लोकी ,सात फीट लंबाई की तुरई ,तीन से पांच किलो तक के गोल बैंगन ,साढे तीन फीट लंबी गाजर व मिर्ची के एक पौधे से 150 मिर्ची तक का उत्पादन व आठ किलो से पच्चीस किलो एक सो पचास ग्राम तक वजन की पत्ता गोभी का उत्पादन लिया है।

Updated on:
28 Jan 2019 03:21 pm
Published on:
28 Jan 2019 03:11 pm