सीकर. नियमितीकरण सहित विभिन्न मांगों को लेकर पंचायत सहायकों ने सोमवार को सीकर शहर में चेतावनी रैली निकालकर आक्रोश जताया।
सीकर. नियमितीकरण सहित विभिन्न मांगों को लेकर पंचायत सहायकों ने सोमवार को सीकर शहर में चेतावनी रैली निकालकर आक्रोश जताया। राजस्थान विद्यार्थी मित्र पंचायत सहायक संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर रैली एसके स्कूल मैदान से निकाली गई। जो नारेबाजी के बीच कल्याण सर्किल होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। यहां भी काफी देर प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्य सचिव निरंजन आर्य के नाम कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार मील की अगुआई में सौंपे ज्ञापन में पंचायत सहायक विद्यार्थी मित्रों को जल्द नियमित करने, न्यूनतम मानदेय 17 हजार 700 रुपए करने तथा नगर पालिका सृजन से हटाए गए पंचायत सहायकों को नजदीकी पंचायतों में फिर से पदस्थापित करने सरीखी मांग रखी। मांग जल्द पूरी नहीं होने पर 9 अगस्त को जयपुर में शहीद स्मारक पर प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई।
आर्थिक हालातों व घोषणा पत्र का हवाला
प्रदर्शनकारी पंचायत सहायकों ने नियमितीकरण व मानदेय वृद्धि के लिए कोरोना काल व राज्य सरकार के चुनावी घोषणा पत्र का हवाला दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पंचायत सहायक 14 साल से 6 हजार रुपए मासिक मानदेय में काम कर रहे हैं। जिससे गुजर बसर करना बेहद मुश्किल हो गया है। कोरोना काल में तो आर्थिक परेशानी ज्यादा बढ़ गई है। फिर विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में भी पंचायत सहायकों को नियमित करने का वादा किया था। जिसके आधार पर सरकार को वोट भी मिले। लेकिन, सरकार अब वादाखिलाफी कर पंचायत सहायकों के हितों पर कुठाराघात कर रही है।
अखेपुरा टोल बूथ पर किसान संगठनों का धरना जारी
इधर, कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का धरना अखेपुरा टोल पर लगातार जारी है। जिसमें नजदीकी किसान नारेबाजी के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। 9 अगस्त कों जिला मुख्यालय एवं सभी एसडीएम कार्यालयों पर किसान संगठनों के संयुक्त मोर्चा की ओर से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर केन्द्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी भी तेज कर दी है। अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष हरफूलसिंह बाजिया ने बताया कि केन्द्र सरकार के खिलाफ किसान संगठनों की लड़ाई जब तक जारी रहेगी, जब तक तीनों कृषि कानून वापस नही ले लिए जाकर एमएसपी की गारंटी नहीं दी जाती है। उन्होंने कहा कि आजादी से पहले गांधीजी ने नौ अगस्त को अंग्रेजों के खिलाफ भारत छोड़ो आन्दोलन का नारा दिया था। अब किसान संगठन नौ अगस्त को जिला मुख्यालय एवं सभी एसडीएम कार्यालयों पर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करेंगे। साथ ही बढ़ती महंगाई, सरकारी संपत्तियों को बेचने की नीति के खिलाफ विरोध जताया जायेगा। इस दिन से आन्दोलन को वापस तेज किया जायेगा। इसको लेकर जिलेभर में किसान संगठनों की ओर से गांव गांव जाकर बैठकें आयोजित कर आमजन और किसान को जागरूक किया जा रहा है।