प्रदेश के हर पुलिस थाना में वर्षों से नफरी में इजाफा नहीं, कांस्टेबल से लेकर एसआई तक के स्वीकृत पद भी नहीं भरे
सीकर. राजस्थान के हर पुलिस थाना में नफरी का अभाव चल रहा है। जनसंख्या अनुपात के अनुसार एक हजार से अधिक लोगों पर सिर्फ एक कांस्टेबल है। जबकि संयुक्त राष्ट्र के मानकों के अनुसार प्रभावी सुरक्षा के लिए हर 450 से 500 नागरिकों पर 1 पुलिसकर्मी होना चाहिए। प्रदेशभर में कांस्टेबल, हैड कांस्टेबल से लेकर सीआई तक के प्रमोशन हुए हैं लेकिन सभी थानों में नफरी नहीं बढ़ाई जा रही है। थानों व चौकियों में नफरी की वर्तमान में जो संख्या है, उसकी संख्या दोगुना के करीब होनी चाहिए। राज्य के 1052 थानों और 1321 चौकियों में कांस्टेबल के 10810 और हैड कांस्टेबल के 4628 पद खाली पड़े हैं। यही नहीं 229 पुलिस निरीक्षक और 209 आरपीएस के पद तक खाली पड़े हुए हैं। राज्य सरकार की ओर से इन खाली पदों पर भर्तियां नहीं की जा रही है। ऐसे में कानून व्यवस्था बिगड़ रही है।
सीकर जिले में 1950 से अधिक की नफरी है, जबकि जिले की जनसंख्या 30 लाख से अधिक है। जिले के थाना व पुलिस चौकियां नफरी की कमी से जूझ रही है। ऐसे में चोरी, लूट, डकैती, नकबजनी, हत्या, हत्या का प्रयास, मादक पदार्थ की तस्करी, हथियार तस्करी सहित अन्य वारदातें नहीं खुल पा रही है। वहीं नफरी महिला अपराध, नाबालिगों से दुष्कर्म के साथ संगठित अपराधों में बढ़ाेतरी हो रही है।
सीकर जिले के पुलिस थाना खाटूश्यामजी, पुलिस थाना कोतवाली सीकर शहर, उद्योग नगर थाना, रींगस थाना, रानोली थाना, सदर थाना कोतवाली फतेहपुर, सदर फतेहपुर, पुलिस थाना रामगढ़ शेखावाटी सहित हर थाना में पुलिस नफरी कम है। जनसंख्या घनत्व व थाना की सीमा काफी विस्तृत होने के बावजूद नफरी में इजाफा नहीं किया जा रहा है। पुलिस अधिकारी भी नफरी बढ़ाने के लिए पुलिस मुख्यालय को नहीं लिख रहे हैं।
संवर्ग स्वीकृत नफरी पदस्थापित नफ़री खाली पद
निरीक्षक 1410 1181 229
उप निरीक्षक 4850 3113 1737
एएसआई 12249 5303 6946
मुख्य आरक्षी 19784 15156 4628
आरक्षी 82602 71792 10810