सीकर. प्रदेश में उपभोक्ताओं को बेहतर संचार सेवाएं देने का दावा करने वाली कई मोबाइल कंपनियों के नेटवर्क की हालात अपग्रेडेशन में उलझ कर रह गई है। हाल यह है कि आए दिन मोबाइल नेटवर्क बाधित होने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। कॉल करने पर फोन बार-बार कट रहा है, आवाज साफ नहीं आ रही और कई बार कॉल लग ही नहीं रही।
केस एक: सीकर निवासी गृहिणी सीमा निजी क्षेत्र की एक कम्पनी की सिम काम में लेती है। बकौल सीमा कई दिन से फोन करने वाले शिकायत करते हैं कि फोन किया लेकिन आवाज नहीं आई। टोल फ्री नम्बर पर कॉल करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। फोन लगता है लेकिन आवाज नहीं आती, अक्सर सामने वाला हैलो-हैलो करता रह जाता है।
केस दो- नीमकाथाना निवासी किसान महेंद्र सिंह के अनुसार बेटा जयपुर की एक कोचिंग संस्थान से ऑनलाइन क्लास लेता है लेकिन नेटवर्क नहीं होने से पढ़ाई नहीं कर पा रहा है। नेटवर्क कमजोर होने के कारण ऑनलाइन क्लास से नहीं जुड़ पता है। कॉल ड्रॉप सबसे बड़ी समस्या बन गई है।
सीकर. प्रदेश में उपभोक्ताओं को बेहतर संचार सेवाएं देने का दावा करने वाली कई मोबाइल कंपनियों के नेटवर्क की हालात अपग्रेडेशन में उलझ कर रह गई है। हाल यह है कि आए दिन मोबाइल नेटवर्क बाधित होने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। कॉल करने पर फोन बार-बार कट रहा है, आवाज साफ नहीं आ रही और कई बार कॉल लग ही नहीं रही। इससे रोजमर्रा के कामकाज से लेकर ऑनलाइन सेवाएं तक सीधे तौर पर प्रभावित हो रही हैं। अकेले सीकर, चूरू, झुंझुनूं और नागौर जिले में मोबाइल और घरों व दुकानों में लगे वायरलेस फोन के करीब 30 लाख से ज्यादा उपभोक्ता है। ऐसे में कई दिन से नेटवर्क बाधित होने से कॉल ड्रॉप और आवाज न आने जैसी समस्याएं उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी परेशानी बन गई हैं। मोबाइल कंपनियों के अधिकृत कार्यालयों व टोल फ्री नम्बर पर कॉल करने के बावजूद समस्या का समय पर समाधान नहीं हो रहा है। टोल-फ्री नम्बर से केवल फोन की सेटिंग बदलने और रीस्टार्ट करने की ही सलाह दी जा रही है।
ग्रामीण अंचल और शहर में उपभोक्ताओं को नेटवर्क सुविधा मुहैया करवाने के लिए कंपनियों की ओर नेटवर्क के सिग्नल पहुंचाने के लिए टॉवर लगाए हुए हैं। ये टॉवर लम्बे समय से अपग्रेड नहीं हुए जबकि ऑनलाइन कार्य कई गुना तक बढ़ गए। यही कारण है कि ग्रामीण अंचल में नेटवर्क बाधित रहता है। वहीं बार-बार विकास कार्यों के कारण सड़क खुदाई के कारण केबल कटिंग या शिफि्टंग के कारण भी नेटवर्क संबंधी समस्या बढ़ जाती है। मोबाइल सेवाएं देने वाले कर्मचारियों के अनुसार इस दौरान शहरी क्षेत्रों में 25 से 30 प्रतिशत कॉल ड्रॉप और ग्रामीण क्षेत्रों में यह बढ़कर 35 से 40 प्रतिशत तक बढ़ गई है। टेलीकॉम कंपनियों की ओर से नेटवर्क सुधार और टावर मॉनिटरिंग की जा रही है।
यह बात सही है कि मोबाइल कंपनियाें के नेटवर्क अपग्रेडेशन के कारण इन दिनों कॉल ड्रॉप और कमजोर नेटवर्क की समस्या है। शहर के साथ गांवों में भी नेटवर्क की समस्या है। समस्या को लेकर कंपनियों को उपभोक्ताओं को सुधार करना चाहिए। उपभोक्ताओं की समस्याओं को दूर संचार सलाहकार समिति की बैठक में उठाया जाएगा।
इफ्तेखार आलम पहलवान, सदस्य जिला दूर संचार सलाहकार समिति