
नीमकाथाना. सैनिक सम्मान यात्रा के जरिए आलाकमान तक अपनी अलग पहचान बनाने वाले प्रेम सिंह बाजौर फिर से टिकट लाने में सफल रहे। यहां पार्टी के पास कोई मजबूत दावेदार भी नहीं था। ऐसे में पार्टी ने फिर से बाजौर के नाम पर मुहर लगाई है। इसके साथ ही बाजौर के अन्य सीट से चुनाव लडऩे की चल रही अटकलों पर ब्रेक लग गया है। टिकट की घोषणा होते ही नीमकाथाना स्थित बाजौर के पर कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया।
प्रत्याशी का ‘आधार’
आमदनी: व्यवसाय
सोशल मीडिया: फेसबुक पेज पर 73 हजार से ज्यादा लाइक्स, ट्विटर पर भी जुड़े है फॉलोवर।
पहचान: शहीद परिवार व किसानों के संघर्ष करने वाले जमीनी नेता।
अनुभव: प्रदेश में दो बार सैनिक कल्याण बोर्ड की जिम्मेदारी।
पांच साल सक्रियता: बाजौर लगातार इलाके में सक्रिय रहे। सैनिक कल्याण यात्रा के जरिए इस बार अपनी अलग पहचान बनाई।
झाबर सिंह खर्रा को आरएसएस से नजदीकी का श्रीमाधोपुर में मिला फायदा, पहली सूची में बनाई जगह
किसान नेता के तौर पर पहचान बनाने वाले खर्रा को फिर मौका मिला है। आरएसएस खेमे की वजह से झाबर सिंह खर्रा
पहली सूची में जगह बनाने में सफल रहे। उनका टिकट पहले से ही तय माना जा रहा था। यहां भी भाजपा के पास कोई मजबूत दावेदार नहीं था। यहां पिछले चुनाव में खर्रा ने जीत हासिल की थी। खर्रा 13 या 14 को नामांकन दाखिल करेंगे। टिकट की घोषणा होने के बाद इलाके में भाजपाईयों ने जश्न मनाया।
प्रत्याशी का ‘आधार’
आमदनी: खेती
सोशल मीडिया: फेसबुक पेज पर 78 हजार लाइक्स, ट्विटर पर कम सक्रिय।
पहचान: किसानों के संघर्ष करने वाले जमीनी नेता।
अनुभव: श्रीमाधोपुर पंचायत समिति के प्रधान भी रह चुके है। इस बार चुनाव जीतकर विधानसभा भी पहुंचे।
पांच साल सक्रियता: भाजपा जिलाध्यक्ष रहते संगठन के साथ कार्यकर्ताओं में अच्छी पकड़ बनाई। पांच साल इलाके में सक्रिय रहे। आरएसएस से नजदीकी का फायदा।