सीकर

बारिश ने धोया प्रदूषण, चार माह बाद एक्यूआई का स्तर सौ से नीचे

सीकर। चार माह से प्रदूषण की मार झेल रहे शहर के लोगों के लिए अच्छी खबर है। फरवरी माह के दूसरे पखवाड़े की शुरूआत में हुई बारिश के बाद शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) गिर गया है। सर्दी के सीजन में पहली बार वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 100 से नीचे दर्ज किया गया। चार माह बाद हवा संतोषजनक श्रेणी में पहुंची है।

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Feb 19, 2026
bihar weather
बारिश का अलर्ट (प्रतीकात्मक तस्वीर)

सीकर. चार माह से प्रदूषण की मार झेल रहे शहर के लोगों के लिए अच्छी खबर है। फरवरी माह के दूसरे पखवाड़े की शुरूआत में हुई बारिश के बाद शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) गिर गया है। सर्दी के सीजन में पहली बार वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 100 से नीचे दर्ज किया गया। चार माह बाद हवा संतोषजनक श्रेणी में पहुंची है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अनुसार बुधवार को शहर का औसत एक्यूआई स्तर 91 दर्ज किया गया, जबकि इससे पहले 8 अक्टूबर 2025 को एक्यूआई 76 रहा था। उसके बाद लगातार प्रदूषण बढ़ने से एक्यूआई का स्तर औसतन 150 से ऊपर दर्ज किया जा रहा था।

यह है एक्यूआई गिरने के फायदे

बारिश के कारण वातावरण में छाया धूल और धुआं जमीन पर आ गया। जिसका सबसे ज्यादा फायदा दमा और सांस के मरीजों को होगा। चिकित्सकों के अनुसार स्वच्छ हवा मिलने से आंखों में जलन व गले में खराश में कमी आएगी। वहीं सुबह-शाम टहलने वालों को साफ वातावरण मिलेगा। बारिश ने शहर की आबोहवा को अस्थाई राहत जरूर दी है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि स्थाई सुधार के लिए वाहनों के धुएं पर नियंत्रण, निर्माण स्थलों पर धूल प्रबंधन और हरियाली बढ़ाना जरूरी है। आंकड़ों के अनुसार एक्यूआई का स्तर 101-200 से आंखों व गले में जलन होने लगती। 201-300 से सांस लेने में परेशानी होती। 301- 400 के कारण सीधा असर फेफड़ों पर लगेगा। 401 से ज्यादा एक्यूआई होने पर हृदय व श्वसन रोगियों के लिए नुकसानदेह होता है।

यह है मानक मानक (श्रेणियां)

0 - 50 : अच्छा

51 - 100 : संतोषजनक

101- 200 : मध्यम

201- 300 : खराब

301- 400 : बहुत खराब

401 - 500 : गंभीर


इनका कहना है

शहर की आबोहवा साफ होने से सांस के मरीजों को सीधे तौर पर फायदा होगा। प्रदूषण का स्तर कम होने से आगामी दिनों में श्वसन रोग विभाग की ओपीडी में मरीजों की संख्या कम होने की उम्मीद है - डॉ. परमेश पचार, श्वसन रोग विभाग, कल्याण अस्पताल

Published on:
19 Feb 2026 11:39 am