
फोटो कैप्शन अजीतगढ़. शादी में टीके के समय टीके में दी गई राशि लौटाता लड़का पक्ष।
Shekhawati News: राजस्थान के अजीतगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत हरदासकाबास के नारे गांव निवासी सेना में कार्यरत एक युवा ने समाज को प्रेरणादायक संदेश दिया है।
राजपूत समाज के इस जवान ने बिना दहेज शादी कर न सिर्फ सामाजिक कुरीति का विरोध किया, बल्कि लड़की पक्ष द्वारा टीके में दिए गए 21 लाख 21 हजार 121 रुपए भी सम्मानपूर्वक लौटा दिए।
जानकारी के अनुसार नारे निवासी सेना में लांस नायक पद पर कार्यरत वीरेंद्र सिंह की शादी शाहजहांपुर के गादली निवासी बिशन सिंह चौहान की पुत्री शिवानी के साथ संपन्न हुई।
शादी में वीरेंद्र सिंह को ससुराल पक्ष द्वारा टीके मे 21 लाख 21 हजार 121 रुपए दिए गए थे, लेकिन लड़के समेत उसके ताऊ जगदीश सिंह एवं वीरेंद्र सिंह के पिता भवानी सिंह ने कहा कि हम दहेज नहीं लेंगे। उन्होंने टीके में दी गई राशि लौटा दी।
वीरेंद्र सिंह के ताऊ जगदीश सिंह ने 'पत्रिका' को बताया कि उनका परिवार शुरू से ही दहेज का विरोधी रहा है, इसलिए बिना दहेज के शादी की है। उन्होंने कहा कि सभी को बहू के साथ बेटी के समान व्यवहार रखना चाहिए।
वीरेंद्र सिंह ने कहा कि वे राजपूत समाज एवं अन्य समाज के लोगों से अपील करते है कि सभी को बिना दहेज अपने बच्चों की शादी करनी चाहिए। उनका कहना है कि घर की बेटी लक्ष्मी होती है, उसके सामने धन की कोई कीमत नहीं होती।
दूल्हे वीरेंद्र सिंह का कहना है कि वह इस समय देश के बॉर्डर पर तैनात है एवं देश की रक्षा कर रहा है। शुरू से ही वह दहेज का विरोधी रहा है, उसको खुशी मिली है कि उसने बिना दहेज शादी की है।
उनका कहना है कि इस शादी से उनका पूरा परिवार गर्व महसूस कर रहा है। वीरेंद्र ने कहा कि उनका परिवार आगे भी इस परंपरा और संदेश के साथ बढ़ते रहेंगे। इस फैसले की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। लोग इसे प्रेरणादायक कदम बता रहे हैं।
Updated on:
18 Feb 2026 03:39 pm
Published on:
18 Feb 2026 03:32 pm
