खाटूश्यामजी से अगवा कैटरिंग कारोबारी अमित खंडेलवाल को पुलिस ने 24 घंटे में नागौर के परबतसर से दस्तयाब कर लिया। नाकाबंदी के चलते अपहरणकर्ता उसे छोड़कर भाग गए थे। वहीं, पत्नी ने अमित के साथ गई सहकर्मी महिला को पहचानने से इनकार कर दिया, जिससे मामला उलझ गया।
खाटूश्यामजी (सीकर): खाटूश्यामजी से अजमेर लौट रहे प्रॉपर्टी व कैटरिंग कारोबारी अमित खंडेलवाल को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ही नागौर जिले के परबतसर से दस्तयाब कर लिया है। अपहरणकर्ता पुलिस की नाकेबंदी देख उसे रास्ते में ही छोड़कर फरार हो गए थे।
बता दें कि इसकी सूचना पर परबतसर और खाटूश्यामजी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कारोबारी को दस्तयाब कर लिया। मामले में रींगस पुलिस उप अधीक्षक संजय बोथरा ने बताया कि पीड़ित अमित ने पूछताछ में बताया कि बदमाशों ने उसे मारपीट या किसी भी तरह से प्रताड़ित नहीं किया। उन्होंने बताया कि पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर देगी।
पुलिस को आरोपियों का सुराग सीसीटीवी फुटेज और घटना स्थल से गुजर रहे एक वाहन चालक के मोबाइल से बनाए वीडियो से मिला। उसके आधार पर ही पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर उनकी लोकेशन ट्रैस की।
अपहरणकर्ताओं को पकड़ने के लिए आईजी और एसपी के निर्देशन में डीएसटी व पुलिस की चार टीमें बनाई गई। जयपुर, नागौर, सीकर और अजमेर जिलों में ए-श्रेणी की नाकाबंदी की गई। पुलिस के अनुसार नाकेबंदी और पुलिस की सख्ती से घबराकर ही अपहरणकर्ता अमित को रास्ते में छोड़ भाग गए।
पुलिस की पूछताछ में अमित ने बताया कि वह अपहरणकर्ताओं को नहीं पहचानता है। अपहरण के बाद उन्होंने उसके मुंह पर पट्टी बांध दी थी। इसके बाद वे उसे गाड़ी में इधर-उधर घुमाते रहे। फोन पर बात भी वे गाड़ी से उतर कर बाहर ही कर रहे थे। इससे वह उनकी बात भी नहीं सुन पाया।
इधर, वारदात के बाद कारोबारी अमित खंडेलवाल की पत्नी और दो बच्चे भी सीकर पहुंचे। सूत्रों की मानें तो पत्नी ने अमित के साथ खाटूश्यामजी आई सहकर्मी प्रेरणा को पहचानने से इनकार कर दिया है। गौरतलब है कि प्रेरणा ने ही अमित को अपहरण की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज करवाई थी। ऐसे में मामले को कई नजरियों से भी देखा जा रहा है। वहीं, पत्नी के बयान से मामला उलझ गया है।