सीकर

राजस्थान कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के 100 अभ्यर्थियों की जान बन आई, एक घंटे तक यहां फंसे रहे

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Jul 14, 2018
sikar news
rajasthan police recruitment 2018

फतेहपुर (सीकर). प्रशासन का गैर जिम्मेदारान रैवेया शुक्रवार को राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2018 की परीक्षा देने जा रहे अभ्यथियों पर भारी पड़ सकता था। फतेहपुर में रेलवे अण्डर पास के नीचे भरा पानी शुक्र वार को हादसे का कारण बन जाता, लेकिन गमीमत रही कि कोई बड़ा हादसा घटित होने से बच गया।

राजस्थान कांस्टेबल भर्ती परीक्षा देने के लिए बस में भरकर जा रहे अभ्यर्थियों की बस मण्डावा रेलवे अण्डरपास में फंस गई। एक घंटे की मशक्कत के बाद अभ्यार्थियों को बड़ी मुश्किल से रेसक्यू करके बाहर निकाला गया।

गनीमत यह रही है समय पर सहायता मिलने से अभ्यर्थी को समय रहते बाहर निकाल दिया गया वरना अभ्यर्थी परिक्षा से वंचित रह सकते थे। घटना की जानकारी मिलने पर तहसीलदार सुशील कुमार सैनी मौके पर पहुंचे व जेसीबी की मदद से अभ्यथियों को बाहर निकाला। जानकारी के अनुसार चिड़ावा के कई अभ्यर्थियों का रतनगढ़ परीक्षा सेंटर था। इसके लिए अभ्यर्थियों ने किराये पर बस कर ली।

बस में सौ से ज्यादा अभ्यर्थी सवार थे। बस अंदर से पूरी तरह से भरी हुई थी तथा बस के उपर भी अभ्यर्थी बैठे थे। कस्बे में रेलवे लाइन के नीचे बने अण्डर पास में आकर बस पूरी तरह फंस गई। अण्डर पास में करीब चार फीट पानी भरा हुआ था। ऐसे में बस अण्डरपास के बीचों बीच फंस गई। इससे बस में सवार लोगों की सांसें सी थम गई। बस में सवार लोग हल्ला करने लग गए।

इस पर मौहल्लेवासी मौके पर आएं। इस दौरान रस्सी के सहारे बस पर बैठे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार सुशील कुमार सैनी ने जेसीबी बुलाई। बस में सवार महिला अभ्यर्थियों व पुरूष अभ्यर्थी जैसे तैसे कर बस की छत पर पहुंचे। छत पर से जेसीबी पर खड़ा करके बाहर निकाला गया। सभी अभ्यर्थियों को बाहर निकालने के बाद दूसरी बस करके अभ्यर्थियों को रतनगढ़ के लिए रवाना किया गया।

रेलवे अण्डरपास में भरा पानी बना मुसीबत

फतेहपुर कस्बे में मण्डावा व नवलगढ़ की ओर जाने वाले रास्ते पर रेलवे अण्डरपास बने हुए है। बरसात होते ही दोनों अण्डरपास में भारी मात्रा में पानी जमा हो जाता है। पानी जमा हो जाने से आवागमन पूर्णतया बंद हो जाता है। आवागमन बंद हो जाने से चालीस से ज्यादा गांवों का रास्ता बंद हो जाता है। छोटी गाडिय़ा दूसरे मार्ग से आती जाती है। पहले भी कई बार पुलिया के नीचे बस व अन्य गाडिय़ां बस चुकी है। लेकिन प्रशासन के स्तर पर कोई ठोस इंतजाम नहीं किए जा रहे है।

जिम्मेदार मौन, कैसे होगा समाधान?

रेलवे अण्डरपास के नीचे भरने वाले पानी के समाधान के लिए कोई कार्य योजना नहीं है। चालीस गांवों का रास्ता बंद हो जाने के बाद भी ना तो कोई जनप्रतिनिधि व अधिकारी समाधान के बारे में नहीं सोचता है। हालात यह है कि लगातार समस्या बनी होने के बाद भी कोई योजना नहीं बनाई गई है। अण्डरपास में लगातार पानी भरा रहता है।

Published on:
14 Jul 2018 06:54 pm