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सादुलपुर। कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में नकल करवाने एवं पेपर बताने के नाम पर युवाओं को नौकरी लगाने का झांसा देकर लाखों की ठगी करने के मामले में एसओजी टीम जयपुर तथा हमीरवास पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
एसओजी टीम के पुलिस निरीक्षक धर्मवीरसिंह तथा हमीरवास थानाधिकारी इंद्रकुमार एवं पुलिस दल के साथ गांव कांधराण में पहुंचे। जोहड़ के पास मोबाइल पर बात करते तीन व्यक्ति दिखाई दिए।
पुलिस को देख तीनों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। काधराण के संदीप कुमार (28), अमित कुमार (30) तथा दिलीप कुमार (40) को गिरफ्तार किया।
एसओजी टीम के धर्मवीर सिंह तथा थानाधिकारी इंद्रकुमार ने बताया कि पूछताछ में आरोपी संदीप कुमार ने बताया कि हरियाणा के कांकड़ोली गांव निवासी देवराज शर्मा भी मामले में शामिल हैं। गिरफ्तार तीनों आरोपी देवराज शर्मा की ओर से गांव बाढड़़ा में संचालित ज्ञानदर्शन कोचिंग में पढ़ाते हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ये दस्तावेज जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2018 के परीक्षार्थियों के आठ एडमिट कार्ड जो अलग-अलग परीक्षा केंद्रों के हैं एवं दो के मतदाता पहचान-पत्र व 11 के आधार कार्ड, एक मूल निवास, एक अन्य पिछड़ी जाति के प्रमाण-पत्र की मूल प्रतियां, पूर्व की भर्तियों के 41 एडमिट कार्ड तथा विभिन्न लडक़ों के जिसमें सात व्यक्तियों की दो-दो फोटो एवं 14 व्यक्तियों की एक-एक फोटो पासपोर्ट साइज बरामद की है।
यूं करते हैं ठगी
गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में परीक्षार्थियों के आधार कार्डों की फोटो की जगह फोटो की एडिटिंग कर होशियार युवाओं को उनकी जगह परीक्षा में शामिल करवाते हैं। आरोपियों ने 14-15 जुलाई को हो रही पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में नकल करवाने की प्लानिंग थी। उन्होंने तथा कई छात्राओं से पेपर बताने के नाम पर रुपए लेना भी बताया है।
सात-सात लाख रुपए में किया सौदा
युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर ठगी करने के मामले में गिरफ्तार आरोपी दिलीप ने पुलिस को बताया कि पुलिस भर्ती में उसके पांच व्यक्ति हैं। जिनके परीक्षा प्रवेश-पत्र संदीप को व्हॉट्सएप पर भेजे तथा पांचों से सात-सात लाख रुपए में पुलिस में भर्ती करवाने की बात कर रखी है।