
rajasthan politics : राजस्थान की राजनीति में सिर्फ पार्टियों में लड़ाई नहीं होती है बल्कि पाटियों के भीतर भी एक जंग चलती है। यही वजह है कि भारतीय जनता पार्टी में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभाष महरिया की वापसी पर भाजपा सांसद सुमेधानंद सरस्वती के बोल बिगड़ गए। उन्होंने पूर्व मेंत्री की तुलना एक मुट्टी अनाज से कर डाली। इसके बाद भाजपा के अंदरखाने राजनीति गर्म हो गई है।
सांसद कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में सांसद सुमेधानंद सरस्वती ने कहा कि तराजू में रखे सौ क्विंटल अनाज में एक मुट्ठी और डालने से पलड़ लडखड़़ाते नहीं है। ऐसे ही केडरबेस भाजपा बहुत मजबूत पार्टी है। किसी व्यक्ति के आने या जाने से इस पर विशेष प्रभाव नहीं पड़ता है। हालांकि उन्होंने कहा कि वे घर वापसी पर महरिया का स्वागत करते हैं।
अनुशासित होकर आए तो स्वागत है
उन्हें उम्मीद है कि एक कार्यकर्ता के रूप में काम करते हुए वे पार्टी की मजबूती बढ़ाने का प्रयास करेंगे। बगावत कर पार्टी में वापस लौटने से युवा कार्यकर्ताओं के हतोत्साहित होने के सवाल पर उन्होंने कहा भाजपा एक अनुशासित पार्टी है। अनुशासनहीनता कर पार्टी से बाहर होकर यदि कोई अनुशासित होकर वापस आता है और पार्टी के हित में पुरुषार्थ करता है तो उन सबका स्वागत है।
विधानसभा में भाजपा करेगी 150 पार
सांसद सरस्वती ने इस दौरान बिजली, पानी व लंपी के मुद्दे पर राज्य सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार बिजली की दरें बढ़ गई है और पानी के मटके लिए जनता परेशान हो रही है। नौजवान, किसान और महिलाएं सभी धोखा खाकर बैठे हैं। दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा 150 से अधिक सीटें जीतकर सरकार बनायेगी।