राजस्थान के सीकर जिले के श्रीमाधोपुर की घटना, सीएचसी में नहीं था मोर्चरी व डीप फ्रिज, रातभर कबाड़ व गंदगी से भरे कमरे में रखा रहा शव
राजस्थान में एक सीएचसी अस्पताल में घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां आत्महत्या के बाद बुधवार रात को लाए गए युवक के शव को चूहों ने कुतरकर क्षत-विक्षत कर दिया। मोर्चरी व डीप फ्रीज नहीं होने से यहां शव को सीढिय़ों के नीचे बने एक छोटे से कमरे में रखा गया था। जहां शव का ऊपरी हिस्सा खुल्ला होने पर चूहे रातभर उसे कुतरते रहे। सुबह परिजन शव के नाक व ठुड्डी के पास घाव देख आक्रोशित हो गए। पर अस्पतालकर्मियों ने समझाइश के बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपकर उन्हें वापस लौटा दिया।
सीएचसी के जिस कमरे में शव रखा जाता है वह कबाड़ व गंदगी से भरा रहता है। प्रसव के बाद की नाल व अन्य गंदगी भी एकबारगी उसी में डाली जाती है। जिसकी वजह से ही कमरे को चूहों ने घर बना रखा है। लापरवाह अस्पताल प्रशासन उसी कमरे को शव रखता है। जिसकी वजह से शव कुतरने की घटनाएं पहले भी हो चुकी है। कुछ दिनों पहले रेल से कटे एक शव को भी इसी तरह चूहों से कुतरे जाने की बात सामने आई थी।
शव वार्ड दो निवासी 20 वर्षीय हर्ष टेलर का था। वह अपनी दादी के साथ रहते हुए बीए फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रहा था। बुधवार शाम को उसने फंदे पर लटककर जान दे दी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को सीएचसी पहुंचाया था। मृतक के पास एक सुसाइड नोट भी मिला था। जिसमें लिखा था कि 'मम्मी पापा मुझे माफ कर देना, मैं जिस तरह जिंदगी जीना चाहता था। मैं न जी पाया और एक अच्छा बेटा भी न बन पाया… सॉरी।'