
सीकर और आसपास के क्षेत्र में सवेरे गिरे ओले
Hailstorm Alert Today: राजस्थान में मौसम ने एक बार फिर ऐसी करवट ली है कि आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर जहाँ प्रदेश में शहनाइयां गूंज रही थीं, वहीं आसमान से बरसी आफत ने खुशियों के रंग में भंग डाल दिया है। आधी रात से सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण जयपुर, सीकर और जैसलमेर सहित कई जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई है।
सबसे भयावह मंजर शेखावाटी के इलाकों से सामने आया है। सीकर के रींगस उपखंड सहित सरगोठ, सिमारला जागीर और महरौली जैसे गांवों में तेज गर्जना के साथ जमकर ओले गिरे। आलम यह था कि कुछ ही देर में खेत बर्फ की सफेद चादर से ढक गए। इस बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि ने अन्नदाता की कमर तोड़ दी है। खेतों में पककर तैयार खड़ी जौ, गेहूं और सरसों की फसलों को भारी नुकसान की आशंका है। ओलों की मार से सरसों की फलियां टूट गई हैं, जिससे किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई है।
आज बसंत पंचमी का अबूझ सावा है और प्रदेशभर में हजारों शादियां संपन्न हो रही हैं। लेकिन अचानक हुई इस बारिश ने टेंट संचालकों और आयोजकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खुले मैदानों में होने वाले समारोहों में पानी भरने से मेहमानों और मेजबानों दोनों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, राजस्थान में अभी राहत के आसार नहीं हैं। विभाग ने 23 जनवरी को जयपुर समेत 14 जिलों में आंधी, तेज बारिश और ओलावृष्टि का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। वहीं, 11 अन्य जिलों में 'येलो अलर्ट' जारी कर लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है। हालांकि, 24 जनवरी से यह सिस्टम थोड़ा कमजोर पड़ सकता है।
अगर आप सोच रहे हैं कि यह दौर यहीं थम जाएगा, तो आप गलत हैं। मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि 27-28 जनवरी के आसपास एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है। इसके प्रभाव से फरवरी की शुरुआत में कड़ाके की ठंड की वापसी होगी और 'मावठ' का एक और दौर देखने को मिल सकता है। खराब मौसम को देखते हुए कच्चे घरों, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहने की सलाह दी गई है। किसान भाई भी मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए अपनी कटी हुई फसलों के बचाव के इंतजाम पुख्ता कर लें।
Updated on:
23 Jan 2026 08:42 am
Published on:
23 Jan 2026 08:41 am
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