लोक परिवहन और अवैध बसों के संचालन को परिवहन विभाग की खुली छूट पर रोडवेज कर्मचारियों ने किया विरोध
सीकर.
लोक परिवहन और अवैध बसों के संचालन को परिवहन विभाग की खुली छूट के विरोध में रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति ने बुधवार को यातायात प्रभारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर लोक परिवहन बसों के संचालन में बरती जा रही कोताही को बता समस्या समाधान की मांग की। ज्ञापन में बताया कि जिला स्तर पर जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण ही लोक परिवहन शहर के बीच से जा रही है जबकि रोडवेज बसों को बाइपास से भेजा जा रहा है। कर्मचारियों ने बसों के संचालन के लिए यातायात प्रभारी पर मिलीभगत के आरोप लगाए और दूसरे कार्मिक को लगाने की मांग की। इधर आक्रोशित कर्मचारियों ने परिवहन कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने मौत परिवहन का पर्याय बनी लोक परिवहन बसों के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान सीटू के आगार सचिव सांवरमल यादव, एटक के प्रभुदयाल बाजिया, इंटक के हरलाल सिंह, भामस के राजेन्द्र सिंह, महेन्द्र सिंह, रामदेव टाकरिया, सांवरमल सहित कई रोडवेजकर्मी मौजूद रहे।
जबरन बाइपास भेज रही पुलिस
एडवोकेट सुरजभान सिंह, सोहन भामू के नेतृत्व में दिए ज्ञापन में बताया कि लोक परिवहन की बसें परमिट की शर्तों का उल्लघंन कर रही है। जिला प्रशासन की ओर से घोषित नो पार्र्किंग जोन में खड़ी होकर सवारियों को बिठा रही है। ज्ञापन में बताया कि स्टेट कैरिज की बसों के स्टैंड के स्थानांतरण में निगम की बसों का उल्लेख नहीं होने के बावजूद यातायात पुलिस जबरन निगम की बसों को बाइपास से भेज रही है। जबकि लोक परिहवन की बसों को शहर के बीच से जाने की खुली छूट दी जा रही है।
आरोपित के घरों पर दबिश
सीकर. तीन दिन पहले बीच रास्ते में रोडवेज बस को रोककर उसमें तोडफ़ोड़ करने व चालक तथा परिचालक से मारपीट के आरोपित घटना के बाद से घर भी नहीं पहुंचे हैं। पुलिस लगातार इनके घरों में दबिश दे रही हैं। लोसल थाने के एसएचओ अभय सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपित बिजू सहित इसके साथियों की तलाश में टीमें लगा रखी हैं। घटना के बाद हमलावर अपनी निजी बस लेकर फरार हो गए थे। आरोपितों के साथ पुलिस बस को भी तलाश रही है। उल्लेखनीय है कि सवारी के विवाद और रूट पर देरी से आने के विवाद में रोडवेज बस में तोडफ़ोड़ कर दी थी और उसके चालक को पीट दिया गया था।