
सीकर/फतेहपुर. राजस्थान के सीकर जिले के फतेहपुर शेखावाटी पुलिस थाने के कोतवाल व कांस्टेबल हत्यांकाड में अब बात सामने आई है। पुलिस की मानें तो गांव बेसवा की ओर जाने रोड पर शनिवार रात करीब 12 बजे फतेहपुर कोतवाल मुकेश कानूनगो व फतेहपुर कोतवाली के कांस्टेबल रामप्रकाश पर फायरिंग से पहले बदमाशों ने उन्हें पीछा करने पर चेताया भी था। इसका खुलासा कांस्टेबल सांवरमल द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में हुआ है। जो कि घटना के दौरान खुद मौके पर मौजूद था। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि पुलिस को आरोपियों की कार आती दिखी तो चैकिंग के लिए उसे रुकवाया गया था।
इसके बाद कोतवाल मुकेश कानूनगो नीचे उतरे तो बदमाश अजय चौधरी ने कहा बताया कि मेरा पीछा करने की हिम्मत कैसे की और कोतवाल पर गोली चला दी। इसके बाद कांस्टेबल रामप्रकाश को अजय चौधरी के साथी जगदीप उर्फ धनकड़ ने गोली मारने से पहले यह कहा था कि तुमको बहुत दिन हो गए हमारे को ढूंढने और पीछे पड़े हुए इतना कहकर उसने भी कांस्टेबल पर फायर कर दिया था। इसके बाद दोनों को लहूलुहान हालत में लेकर हम लोग अस्पताल के लिए रवाना हो गए।
सब बदमाशों के हाथों में थे हथियार
एफआइआर में सांवरमल ने लिखा है कि शनिवार की रात 11.30 बजे निजी वाहन में सवार होकर हम लोग थानाधिकारी के नेतृत्व में गश्त पर निजी वाहन में निकले थे। इस दौरान 11.45 बजे थानाधिकारी के पास जरिए मुखबिर सूचना आई थी कि वांछित अजय चौधरी अपने साथियों के साथ बेसवा रोड पर सफेद कार में आ रहा है। इसके बाद वे लोग उदनसर के दो किलोमीटर पहले पहुंचे तो सफेद कार को देखकर उसे रुकवाया गया। कोतवाल मुकेश नीचे उतरे तो कार में सवार अजय चौधरी व उसके सात-आठ साथी भी कार से बाहर आ गए। जिनके सबके हाथों में हथियार थे। पुलिस ने भी गोलियां चलाई। लेकिन, वे लोग बचकर कार में सवार होकर भाग निकले।
चार नामजद और चार अज्ञात हैं आरोपी
मुकदमे में मुख्य आरोपी फतेहपुर के वार्ड संख्या 12 के अजय चौधरी, खांजी का बास के जगदीप उर्फ धनकड़, फतेहपुर शहर के ही दिनेश उर्फ लारा व जलालसर के ओमप्रकाश उर्फ ओपी को नामजद किया गया है। जबकि तीन चार के नाम अन्य अज्ञात लोगों के दर्ज कराकर इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की रिपोर्ट दी गई है। संभावना जताई जा रही है कि जल्दबाजी में कोतवाली से रवाना होने की रपट रोजनामचे में भी नहीं डाली गई होगी।