सीकर

राजस्थान का ये छोरा पलक झपकते ही पकड़ लेता है बुलेट जैसी रफ्तार, एक साथ 350 युवक भी नहीं जीत पाए इससे

सीकर जिले के नीमकथाना उपखण्ड में छोटा सा गांव है ढाणी बड़वाला। यहां पर है एक ऐसा युवक, जिसे राजस्थान का मिल्खा सिंह कहा जा सकता है।

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Apr 13, 2018

उमाकांत शर्मा /गणेश्वर (सीकर).
सीकर जिले के नीमकथाना उपखण्ड में छोटा सा गांव है ढाणी बड़वाला। यहां पर है एक ऐसा युवक, जिसे राजस्थान का मिल्खा सिंह कहा जा सकता है। ये युवक पलक झपकते ही बुलेट जैसी रफ्तार पकड़ लेता है और देखते ही देखते साथ दौडऩे वालों को पीछे छोड़ देता है। इस बात का सबूत है सीकर और बीकानेर जिले में हुई सेना भर्ती रैली।

जानिए कौन है ये युवक

-इस शानदार धावक युवक का नाम मोहनलाल सैनी है।
-ढाणी बड़वाला निवासी बाबूलाल सैनी का बेटा है।
-मोहनलाल का परिवार बीपीएल श्रेणी का है।
-बचपन से मोहन लाल को दौडऩे का शौक था।
-गांव की गलियों और पगडडिय़ों पर दौडऩा सीखा।
-8 सितम्बर 2017 को बीकानेर सेना भर्ती रैली में हिस्सा लिया।
-बीकानेर सेना भर्ती रैली में मोहन 350 अभ्यर्थियों में से प्रथम रहा।
-इसके बाद 4 फरवरी 2018 को सीकर सेना भर्ती रैली देखी।
-सीकर सेना भर्ती रैली में मोहन 250 युवाओं में से प्रथम आया।

कम हाइट के कारण नहीं बना फौजी
बीकानेर और सीकर सेना भर्ती रैली में दौड़ में प्रथम रहने के कारण दोनों ही जगहों पर सेना के अधिकारियों ने मोहनलाल को सुपर एक्सीलेंट का प्रमाण पत्र दिया। दौड़ में अव्वल रहने के बावजूद मोहन लाल का फौज में कम हाइट के कारण चयन नहीं हो पाया। मोहनलाल का सपना है कि खेलो इंडिया खेलो योजना के तहत अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिले।

11 माह पूर्व मां की मौत
परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति और मां की मौत का गम भी मोहन को दौड़ में बेहतरीन प्रदर्शन करने से नहीं रोक पाया। 11 माह पूर्व ही मोहन की मां की मौत हो चुकी है। वहीं दूसरा गम ये है कि मोहन के पिता दिव्यांग हैं। इन्हें भरोसा है कि बेटा एक दिन जरूर कामयाब होगा।

गांव में जीते छह हजार रुपए

मोहन ने गुरुवार को सफलता की एक और कहानी लिखी। गांव ढाणी बड़वाला में पांच किलोमीटर की दौड़ हुई। हालांकि इस दौड़ में मोहन दूसरे स्थान पर रहा। अर्जुन अवार्डी राजेश सिंह तंवर के नेतृत्व में आयोजित इस दौड़ में दूसरे स्थान पर रहने के कारण ग्रामीणों ने मोहनलाल को बतौर पुरस्कार छह हजार रुपए प्रदान किए। जीती हुई ये राशि मोहन लाल ने अपने पिता को सौंप दी।

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Updated on:
13 Apr 2018 06:20 pm
Published on:
13 Apr 2018 06:16 pm
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