Motivational Story: 2022 में तबीयत बिगड़ने पर जांच में दोनों किडनी खराब होने की जानकारी मिली तो वह जीवन की ही आस खो बैठा था। इस बीच बेटे के जीवन संघर्ष में ढाल बनकर खड़ी हुई मां विमला देवी ने 2023 में अपनी किडनी देकर उसे काल से जिता दिया।
Athlete Ankit Kumar Sohu Kidney Transplant: किडनी ट्रांसप्लांट खिलाड़ी अंकित कुमार सोहू ने अपनी कोशिश और जज्बे से कामयाबी का बड़ा किला फतेह कर लिया है। कभी दोनों किडनी खराब होने से जीवन की उम्मीद खो चुके अंकित ने अपने हौसले के दम पर जर्मनी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय ट्रांसप्लांट गेम्स में जैवेलियन थ्रो में रजत पदक हासिल किया है। लॉन्ग जंप में भी कांस्य पदक पर कब्जा जमाया है। सफलता के शिखर पर पहुंचे नवलगढ़ रोड निवासी अंकित ने राजस्थान पत्रिका का आभार भी जताया है।
मूलरूप से झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौड़जी निवासी अंकित कुमार पहले वॉलीबॉल का राष्ट्रीय खिलाड़ी रहा है। 2022 में तबीयत बिगड़ने पर जांच में दोनों किडनी खराब होने की जानकारी मिली तो वह जीवन की ही आस खो बैठा था। इस बीच बेटे के जीवन संघर्ष में ढाल बनकर खड़ी हुई मां विमला देवी ने 2023 में अपनी किडनी देकर उसे काल से जिता दिया।
बीमारी से जंग में आर्थिक रूप से तंग हुए अंकित के हालात उसकी जर्मनी यात्रा में बाधा बन गए थे। इस पर पत्रिका ने जनवरी में खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद वीर तेजा सेना के प्रदेश महामंत्री सचिन पिलानियां ने उसकी मदद की मुहिम शुरू कर ये राशि जुटा उसकी जर्मनी यात्रा की राह आसान की थी। जहां देश की वालीबॉल टीम के कप्तान के रूप में शामिल होने के साथ जैवेलियन थ्रो व 100 मीटर दौड़ में देश का प्रतिनिधित्व कर रहा है।
किडनी ट्रांसप्लांट के बाद अंकित ने दिसंबर 2023 में ही केरल में आयोजित ट्रांसप्लांट गेम्स में 200 मीटर रेस में ब्रॉन्ज मेडल के साथ सफलता की पहली सीढ़ी चढ़ी। मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय ट्रांसप्लांट गेम्स में भी 100 मीटर रेस में विजेता रहा। इस साल मार्च में चंडीगढ़ में आयोजित पीजीआइ ट्रांसप्लांट नेशनल गेम्स में जेवेलियन थ्रो में 32.65 मीटर और लॉन्ग जंप में 15.088 फीट के राष्ट्रीय रिकॉर्ड्स के साथ अंकित ने गोल्ड मेडल व 200 मीटर रेस में सिल्वर सहित कुल चार मेडल हासिल किए।