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पिता के बाद बेटे ने ज्वाइन की इंडियन आर्मी, शहीद होने के डेढ़ महीने बाद घर पहुंचा था पार्थिव शरीर

Zara Yaad Karo Kurbani: भारत-पाकिस्तान के बीच हुए कारगिल युद्ध में हिन्दुस्तान के 500 से ज्यादा जवान शहीद हुए थे। इनमें से कई फौजी राजस्थान के थे, इनमें से एक नाम है सीकर जिले के रामपुरा गांव के सैनिक विनोद कुमार नागा का जो कारगिल युद्ध में लड़ते हुए शहीद हो गए।
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Updated: 24 Jan 2024, 10:06 AM IST
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Kargil War Heroes: भारत-पाकिस्तान के बीच हुए कारगिल युद्ध में हिन्दुस्तान के 500 से ज्यादा जवान शहीद हुए थे। इनमें से कई फौजी राजस्थान के थे, इनमें से एक नाम है सीकर जिले के रामपुरा गांव के सैनिक विनोद कुमार नागा का जो कारगिल युद्ध में लड़ते हुए शहीद हो गए।

पिता के बाद बेटे ने की इंडियन आर्मी ज्वाइन
विनोद के पिता भागीरथ सिंह भी सेना से रिटायर्ड सूबेदार हैं। करीब 5 साल भारतीय सेना में सेवा करने बाद विनोद कारगिल युद्ध में शहीद हो गए। जब उनके पिता के सामने ये बात आई तो पहले तो बूढ़ी आंखे छलक पड़ी, लेकिन फिर हिम्मत कर बोले, नाज है मेरे बेटे पर। जिसने अपनी माटी का कर्ज पूरा किया। शहीद की मां ने भी कहा मेरा बेटा मरा नहीं अमर हो गया। वह आज भी जिंदा है हमारे दिलों में, हमारी हर यादों में।

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डेढ़ महीने बाद पहुंचा था पार्थिव शरीर
कारगिल युद्ध में विनोद जब पाकिस्तानी घुसपैठियों को मुंह तोड़ जवाब दे रहा था। उसी दौरान गोली लगने से वह घायल हो गया और फिर बर्फ में दब गया। करीब डेढ़ महीने बाद उनका पार्थिव शरीर घर पहुंचा था।
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अब भी राखी बांधती है बहन
विनोद की बहने आज भी अपने भाई को जिंदा मानती है और हर रक्षा बंधन पर उन्हें राखी बांधती है। गांव में बनी विनोद की मूर्ति पर हर रक्षाबंधन बहने पहुंचकर गले मिलती है तो आकर राखी बांधती है।

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24 Jan 2024, 10:06 AM IST
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