Rajasthan Election 2018 : सीकर विधानसभा की टिकट रतन जलधारी को दिए जाने से नाराज भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष महेश शर्मा ने गुरुवार शाम को इस्तीफा दे दिया है।
सीकर. टिकट वितरण के बाद भाजपा में उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। खंडेला के बाद अब सीकर भाजपा में बड़ी कलह सामने आई है। सीकर विधानसभा की टिकट रतन जलधारी को दिए जाने से नाराज भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष व अजमेर के जिला संगठन प्रभारी महेश शर्मा ने गुरुवार शाम को इस्तीफा प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी को दे दिया है।
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महेश शर्मा सीकर से विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके है। इस बार वह सीकर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बदलने की मांग कर रहे थे। लेकिन बुधवार शाम को पार्टी ने वर्तमान विधायक रतन जलधारी को टिकट दे दिया। इसके बाद नाराज महेश शर्मा अपने समर्थकों के साथ जयपुर पहुंच गए। यहां उन्होंने पार्टी की प्रांरभिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद सीकर भाजपा दो खेमों में बंटी हुई नजर आई।
कार्यकर्ता आज तय करेंगे रणनीति
टिकट के दावेदार डॉ. कमल सिखवाल गुट की शुक्रवार दोपहर बारह बजे बजाज रोड स्थित मोहन निवास में भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक होगी। यहां आगामी चुनाव को लेकर रणनीति तय की जाएगी। सिखवाल ने बताया कि कार्यकर्ता जो तय करेंगे उसको लेकर आगे कदम बढाया जाएगा।
कांवट में किया प्रदर्शन
कांवट. बाजिया को टिकट दिए जाने से कार्यकर्ताओं की नाराजगी थमने का नाम नही ले रही है। शुक्रवार को कांवट कस्बे में जनक्रांति मोर्चा ने रैली निकाली। रैली कस्बे के गायत्री मैदान से शुरू होकर बस स्टेण्ड पहुंची। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ता चन्द्रभान धन्नाका, मातादीन सैनी, अल्पसंख्यक मोर्चा के सादुल्ला खान, महेश दूधवाल, श्रवण चौधरी, जुगल डोरवाल, मोहम्मद समीर, दीपक सहित मोर्चा के अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पिछले चुनाव में थे साथ-साथ
पिछले चुनाव में भी रतन जलधारी के अलावा कई अन्य दावेदार चुनावी मैदान में थे। लेकिन पार्टी के जलधारी को टिकट देने पर सभी साथ हो गए। इसके बाद नगर परिषद चुनावों में दो गुट बन गए। वहीं चुनावी समर शुरू होने के बाद तो सीकर भाजपा कई गुटों में बंट गई। अब भी महेश शर्मा को आस थी कि आलाकमान उनकी सुनेगा, लेकिन जलधारी की टिकट फाइनल होते ही विवाद फिर उठ गया है।
कार्यकर्ताओं को मनाने की कोशिश नहीं
सीकर भाजपा में लगातार धड़े होने के बाद भी नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने की संगठन स्तर पर कोई कोशिश नजर नहीं आ रही है। जलधारी व बाजिया को टिकट मिलने के बाद से ही कार्यकर्ताओं में नाराजगी सामने आ गई। लेकिन संगठन की ओर से कोई पहल नहीं की है।
इसलिए नाराज हुए महेश शर्मा
पिछले कई महीनों से सीकर भाजपा दो धड़ों में बंटी हुई थी। सूत्रों का दावा है कि महेश शर्मा ने पिछले दिनों पार्टी के सामने जिला परिषद सदस्य ताराचंद धायल की दावेदारी पेश कराई थी। इस दौरान उन्होंने धायल को टिकट देने की कई मंचों पर पैरवी भी की। इस दौरान आलाकमान से सीकर सीट से टिकट बदलने की भी मांग की थी। इसके बाद उन्होंने कमल सिखवाल व अनिता शर्मा के नाम भी आलकमान को बताए थे।