Reengus Leopard Attack: रींगस कस्बे में एक लेपर्ड के अचानक रिहायशी इलाके में घुस आने से दहशत फैल गई। लेपर्ड ने कस्बे के वार्ड नंबर 23 में एक घर में घुसकर 65 वर्षीय महिला आंची देवी पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
सीकर। रींगस कस्बे में एक लेपर्ड के अचानक रिहायशी इलाके में घुस आने से दहशत फैल गई। लेपर्ड ने कस्बे के वार्ड नंबर 23 में एक घर में घुसकर 65 वर्षीय महिला आंची देवी पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायल महिला का कस्बे के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सबसे पहले लेपर्ड को एक कपड़े की दुकान के पास देखा गया। दुकान संचालक दीपक कुमावत ने बताया कि लेपर्ड दुकान की सीढ़ियों से ऊपर चढ़ गया और छतों के रास्ते आगे बढ़ गया। वहीं मोबाइल दुकान के मालिक गोविंद परसका ने बताया कि करीब सुबह 11 बजे वार्ड नंबर 23 स्थित कुमावत मोहल्ले में लेपर्ड दिखाई दिया।
लेपर्ड पहले मुकेश जांगिड़ के मकान के चौक में घुसा। उसे देखकर परिवार के लोग घबरा गए और कमरों में जाकर दरवाजे बंद कर लिए। इसके बाद वह पास ही श्रीराम कुमावत के मकान में घुस गया, जहां उसने दीपक दम्बीवाल की ताई आंची देवी (65) पत्नी शिम्भू दयाल पर हमला कर दिया। हमले में महिला के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं।
घटना के बाद लेपर्ड जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता कार्यालय के पास से होते हुए राजकीय स्कूल के खेल मैदान की तरफ पहुंच गया। वहां लोगों की भीड़ देखकर वह मकानों की छतों से होते हुए एक बंद पड़े सार्वजनिक भवन में जाकर छुप गया।
सूचना मिलने पर उपखंड अधिकारी ब्रजेश कुमार गुप्ता और थाना प्रभारी सुरेश कुमार मौके पर पहुंचे और वन विभाग को सूचना दी। इसके बाद एसीएफ वन विभाग सीकर से श्रवण बाजिया के नेतृत्व में सीकर से 20 सदस्यीय टीम तथा जयपुर से डॉ. अशोक तंवर की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू के दौरान जेसीबी की मदद से झाड़ियां और मलबा हटाया गया। पहले प्रयास में ट्रैंकुलाइजर गन का निशाना चूक गया, लेकिन बाद में गोदाम में छिपे लेपर्ड को दूसरी बार में ट्रैंकुलाइज कर दिया गया।
करीब 6 घंटे की मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने लेपर्ड को सुरक्षित पकड़कर पिंजरे में कैद कर लिया। एसीएफ श्रवण बाजिया ने बताया कि पकड़ा गया लेपर्ड नर है और उसे आगे की कार्रवाई के लिए सरिस्का टाइगर रिजर्व की टेला रेंज में भेजा जा रहा है।