सीकर. मेडिकल कॉलेज सीकर से सम्बद्ध कल्याण अस्पताल में नेत्र रोगियों के लिए राहत की खबर है। अस्पताल में नेत्र रोगों से ग्रसित मरीजों की जांच उसी दिन हो सके इसके लिए ओपीडी में आंखों की जांच सरीखी सुविधाएं बढ़ाई जाएगी। जिसका सबसे ज्यादा फायदा उन मरीजों को होगा जो अपनी आंखों की रोशनी की जांच रिपोर्ट के लिए घंटो लाइन में खड़े रहते हैं।
सीकर. मेडिकल कॉलेज सीकर से सम्बद्ध कल्याण अस्पताल में नेत्र रोगियों के लिए राहत की खबर है। अस्पताल में नेत्र रोगों से ग्रसित मरीजों की जांच उसी दिन हो सके इसके लिए ओपीडी में आंखों की जांच सरीखी सुविधाएं बढ़ाई जाएगी। जिसका सबसे ज्यादा फायदा उन मरीजों को होगा जो अपनी आंखों की रोशनी की जांच रिपोर्ट के लिए घंटो लाइन में खड़े रहते हैं। इसे देखते हुए अब अस्पताल में दो स्थानों पर आंखों की जांच की व्यवस्था करवाई जाएगी। साथ ही विभिन्न कक्षों में कम्प्यूटर ऑपरेटर तैनात किए जाएंगे, जिससे पर्ची और जांच की प्रक्रिया तेज हो सकेगी। गौरतलब है कि अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में रोजाना औसतन सौ से ज्यादा मरीजों की आंखों की जांच की जाती है। अब तक केवल एक कक्ष में ही जांच होने से मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता था।
चिकित्सकों के अनुसार आंख कमजोर होने पर रेफेक्ट्रोमीटर से जांच की जाती है। जिससे पता चल जाता है कि आंखों की रोशनी कितनी है । साथ आंखों में होने वाली बीमारी की शुरूआत और कमजोरी का समय रहते ही पता लगने का प्रारंभिक संकेत मिल जाता है। मौजूदा जीवनशैली को देखते हुए आंखों की रोशनी को लेकर लोगों को निजी अस्पतालों में सैंकड़ों रुपए खर्च करने पड़ते हैं। ऐसे में कल्याण अस्पताल में व्यवस्था लागू होने के बाद मरीजों को जांच के लिए लंबी लाइन में खड़े रहने से राहत मिलेगी। खासतौर पर बुजुर्ग और दूरदराज से आने वाले मरीजों के लिए यह व्यवस्था काफी मददगार साबित होगी। मरीजों के अनुसार अब तक आंखों की जांच के लिए काफी देर इंतजार करना पड़ता था। दो जगह जांच शुरू होने से मरीजों को उनकी आंख का जल्दी नंबर मिल सकेगा और समय की बचत होगी।
मरीजों की परेशानी को देखते हुए नेत्र रोग विभाग में दो जगह रिफेक्ट्रोमीटर शुरू करवाने की कवायद की जा रही है। जिससे मरीजों को आंखों की जांच के लिए लम्बे समय तक इंतजार नहीं करना पड़े।
डॉ. प्रियंका अमन, अधीक्षक कल्याण अस्पताल