पुलिस ने साइबर अपराध के प्रति जागरूकता के 35 कार्यक्रम आयोजित कर 10 हजार से अधिक लोगों को किया जागरूक - एसपी बोले नाम , मोबाइल नम्बर, जन्मतिथि को पासवर्ड नहीं बनाएं
सीकर. जिला पुलिस सीकर द्वारा साइबर अपराधों से बचाव के लिए आमजन को जागरुक करने के लिए जिलेभर एक अभियान चला रही है। सीकर पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत के निर्देश पर जिलेभर में 35 कार्यक्रम आयोजित किये जाकर लगभग 10700 लोगों को किया जागरुक। पुलिस की ओर से एवेयरनेस प्रोग्राम ऑन साइबर सिक्योरिटी एक अभियान चलाकर जिले के विभिन्न स्कूल, कॉलेज के छात्र-छात्राओं व अध्यापकों, गांव की चौपाल पर आमजन को साइबर जागरूकता के बारे में जानकारी दी गई। सोशल मीडिया ग्रुप के माध्यम से साइबर जागरूकता के बारे में प्रचार प्रसार किया गया। साइबर जागरुकता रैली का आयोजन किया। आमजन को साइबर जागरुकता के बारे में अवगत किया गया। साइबर अपराधों से बचाव व सतर्कता के संबंध में कलक्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक कार्यालय व बाजारों में पोस्टर व बैनर लगाए गए।
पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि साइबर फ्रॉड के बचाव के लिए विभिन्न सावधानियां रखने की अपील की है। उन्होंने सलाह दी कि बैंक खाता अहस्तांतरणीय है। अपना बैंक खाता किसी दूसरे व्यक्ति या फर्म को किराए पर या अन्य तरीके से उपयोग के लिए देना गैर कानूनी है। किसी व्यक्ति द्वारा खाते का उपयोग जुआ, तस्करी, साइबर ठगी, हवाला आंतकवाद के लिए विदेशों में फंडिंग, गैंगस्टरों द्वारा फिरौती जैसी गैर कानूनी गतिविधियों में धन मुहैया करवाने के लिए प्रयुक्त किया जा सकता है। जिस पर खाता धारक मनी लॉड्रिग, देशद्रोह, तस्करी एवं वित्तीय धोखाधडी जैसे गम्भीर मामलों में अपराधी बना सकता है।
उन्होंने बताया कि ओटीपी, पिन , सीवीवीनम्बर शेयर नहीं करें। कभी भी नाम , मोबाइल नम्बर, जन्मतिथि को पासवर्ड नहीं बनाएं। लॉटरी, केशबैक, जॉब्स, रिफण्ड, गिफ्ट आदि ऑनलाइन प्रलोभनों से सावधान रहें। यूपीआई पिन व क्यूआर कोड स्केन का प्रयोग केवल भुगतान करने के लिए किया जाता है, ना की धनराशि प्राप्त करने के लिए। सोशल मीडिया अकाउण्टस पर टू स्टेप वेरिफिकेशन, टू फैक्टर ऑथेन्टिकेशन ऑन रखे।
कस्टमर केयर के नम्बर कभी भी गूगल पर सर्च नही करें, केवल अधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त करें। मोबाइल का जीपीएस, ब्ल्यूटूथ, हॉटस्पॉट, वाईफाई आवश्यक होने पर ही चालू करें। अनजान लोगों से प्राप्त होने वाली वीडियो कॉल रिसीव नही करें और ना ही फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करें। सोशल मीेडिया की डीपी में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियो के नाम, वर्दी पहने फोटो या किसी परिचित व्यक्ति का फोटो दिखाई देने पर तत्काल विशवास नही करें। एसपी ने बताया कि साइबर क्राइम फ्रॉड की घटना होने पर साइबर हेल्पलाइन 1930 पर फोन करें या फिर cybercrime.gov.in पर लॉगिन कर तुरन्त शिकायत दर्ज करवाएं।