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कौन बनेगा करोड़पति के नाम पर खाली कर रहे जेबें देखें कैसे

टीवी सिरियल कौन बनेगा करोड़पति की तर्ज पर ठगी करने वाला नया गिरोह पनप गया है।
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Feb 11, 2019
sikar local news
कौन बनेगा करोड़पति के नाम पर खाली कर रहे जेबें देखें कैसे

जोगेन्द्र सिंह गौड़


सीकर. टीवी सिरियल कौन बनेगा करोड़पति की तर्ज पर ठगी करने वाला नया गिरोह पनप गया है। गिरोह सोशल मीडिया पर सक्रिय है और लॉटरी जीतने के नाम पर ऑनलाइन ठगी कर नगदी अपने खातों में डलवा रहा है। जिसमें गिरोह के सदस्य झांसा देकर अपने अकाउंट में हजारों रुपए डलवा
लेते हैं।
इधर, अकाउंट में पैसा आते ठगी करने वाले संपर्क से बाहर हो जाते हैं। इसके बाद फोन बंद आने और अकाउंट भी दूसरे राज्य का होने पर पुलिस भी इन तक पहुंच नहीं पा रही है। जानकारी के अनुसार ठगी करने वालों ने केबीसी के नाम का एक वीडियो बना रखा है। जो वाट्सएप ग्रुप के जरिए संबंधित व्यक्ति तक पहुंचाया जाता है। वीडियो में बाकायदा केबीसी की तरह कौन बनेगा महा करोड़ पति का हवाला देकर २५ लाख की लॉटरी जीत जाने का दावा किया जाता है। प्रसारित होने वाले वीडियो के लोगो पर केवल वाट्सएप कॉलिंग करने के लिए एक मोबाइल नंबर शो किया जाता है।
जिसमें लॉटरी की रकम केश कराने और इसकी प्रक्रिया जानने की जानकारी के लिए दिया होता है। जिसमें अगले का नाम तक बताया जाता है। यहां वाट्सएप कॉलिंग करने पर संबंधित व्यक्ति लॉटरी का पैसा चाहने से पहले केवल उसका टेक्स उनके खाते में डलवाने की शर्त रखता है। जिसमें फंस जाने के बाद ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य उससे उसका एकाउंट नंबर लेते हैं और ***** बनाकर अपने खाते में रुपए ट्रांसफर करवा लेते हैं। इधर, लॉटरी जीतने के लालच में पीडि़त अपने हजारों रुपए गंवा चुके होते हैं।
बढ़ते स्टेप वाइ स्टेप
ठगी का अहसास नहीं हो। इसके लिए गिरोह के सदस्य स्टेप वाइ स्टेप वारदात को अंजाम देते हैं। लॉटरी जीतने वाले को पक्का करने के लिए उसकी फोटो व एकाउंट नंबर चेक करने का हवाला देते हैं। एक बार टेक्स का पैसा खाते में आते ही सामने वाले को जीतनी की
राशि उसके खाते में डलवाने का झांसा देकर हजारों रुपए ठगी कर लेते हैं।
बच्चन और मोदी की फोटो
ठगी करने वालों ने वीडियो के श्लोगन पर कौन बनेगा करोड़पति के अमिताभ बच्चन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो उपलोड कर रखी है। ताकि लॉटरी जीतने वाला आसानी से भ्रमित हो सके। वाट्सएप कॉलिंग होने डायलिंग कॉल नहीं होने की फेर में सामान्य आदमी उन तक पहुंच नहीं पाते हैं। पुलिस भी हाथ छीडक़ लेती है और परिवादी उस तक पहुंचने के प्रयास में उलझ जाता है।
पत्रिका को मिला वीडियो
केबीसी के नाम पर जारी हो रहा वीडियो राजस्थान पत्रिका के पास पहुंचा। इसकी पड़ताल की तो बताए गए खाता नंबर दूसरे राज्य की महिला के नाम का निकला। कॉल फर्जी होने की जानकारी पकड़ में आने के बाद पीडि़त व्यक्ति ठगी होने से बच गया। जबकि ऑनलाइन ठगी के कई मामले पुलिस के पास पहुंचे भी हैं। लेकिन, गिरफ्तारी किसी की नहीं हो पाई है।

Published on:
11 Feb 2019 06:59 pm