सीकर

रमजान के लिए तैयार सीकर

सीकर में बरकत और नेकी के महीने रमजान-उल-मुबारक की तैयारियां तेज हो गई हैं। रमजान से पहले लोगों में काफी उत्साह है। बाजारों में रौनक दिखाई देने लगी है। चांद नजर आने के बाद छह मई से रोजे शुरू होने की उम्मीद है। मजिस्दों में साफ सफाई हो रही है।
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May 04, 2019
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रमजान के लिए तैयार सीकर
सीकर. बरकत और नेकी के महीने रमजान-उल-मुबारक की तैयारियां तेज हो गई हैं। रमजान से पहले लोगों में काफी उत्साह है। बाजारों में रौनक दिखाई देने लगी है। चांद नजर आने के बाद छह मई से रोजे शुरू होने की उम्मीद है। मजिस्दों में साफ सफाई हो रही है।
बाजारों में रमजान को देखते हुए विभिन्न किस्म के खजूर आदि फल-फ्रूट की दुकानें सजने लगी है। वहीं गर्मी के मौसम को देखते हुए तरबूज और पपीता जैसे फल भी बिकने को तैयार हैं। रमजान के महीने में रोजेदार सुबह जल्दी उठकर सेहरी करते हैं। इसको लेकर घरों में महिलाओं ने भी तैयारियां शुरू कर दी है। रमजान के महीने को लेकर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में उत्साह है।
बरकतों का महीना रमजान
इस्लामी साल का नवां महीना रमजान उल मुबारक का सबसे ज्यादा महत्व बताया गया है। माहे रमजान में मुसलमान पूरे एक महीने दिनभर बिना कुछ खाए-पीए रोजा रख इबादत करते हैं। रोजा इस्लाम की पांच बुनियादी इबादत में से एक है। माहे रमजान की इस्लाम में काफी अहमियत है। इस महीने में कुरान को नाजिल( अवतरण) किया था। कुरान व हदीसों में आता है कि इस महीने में हर इबादत का बंदों को सवाब (पुण्य) 70 गुणा बढ़ाकर दिया जाता है। इस महीने में कुरान की तिलावत का बहुत सवाब है। इसलिए रातों को जागकर तरावीह की नमाज पढ़ी जाती है।
गौरतलब है कि गरीबों व जरूरतमंदों की मदद, सभी के लिए हमदर्दी, आपसी भाईचारा बनाए रखना रोजा रखने की सबसे पहली शर्त है।
यूं तो इंसानियत का फर्ज है कि इंसान को बुराईयों से दूर रहना चाहिए, लेकिन रोजेदारों के लिए अति आवश्यक है कि वे एक माह किसी की चुगली, चोरी, बुराई जैसे कार्यों में न तो शामिल हों और न ही किसी की मदद करें। उन्हें सिर्फ जरूरतमंदों की मदद करनी है, गुनाहगारों की नहीं।

Updated on:
04 May 2019 05:45 pm
Published on:
04 May 2019 05:45 pm