सीकर

ढाई घंटे तक बाइक पर हथियारों के साथ घूमते रहे, पांच थाने और दो चौकियों के सामने से होकर गुजरे, पुलिस ने टोका तक नहीं

शहर में शनिवार को दो युवक बाइक पर अपने हथियार लेकर घूमे। इस दौरान ये दोनों न केवल शहर बल्कि पुलिस थानों के सामने से होकर भी गुजरे। लेकिन, पुलिस ने न तो उन्हें कहीं रोका और न ही टोकने तक की जहमत उठाई।
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Mar 24, 2019
शहर में शनिवार को दो युवक बाइक पर अपने हथियार लेकर घूमे। इस दौरान ये दोनों न केवल शहर बल्कि पुलिस थानों के सामने से होकर भी गुजरे। लेकिन, पुलिस ने न तो उन्हें कहीं रोका और न ही टोकने तक की जहमत उठाई।
ढाई घंटे तक बाइक पर हथियारों के साथ घूमते रहे, पांच थाने और दो चौकियों के सामने से होकर गुजरे, पुलिस ने टोका तक नहीं

जोगेन्द्र सिंह गौड़, सीकर.

शहर में शनिवार को दो युवक बाइक पर अपने हथियार लेकर घूमे। इस दौरान ये दोनों न केवल शहर बल्कि पुलिस थानों के सामने से होकर भी गुजरे। लेकिन, पुलिस ने न तो उन्हें कहीं रोका और न ही टोकने तक की जहमत उठाई। जबकि लोकसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लगी हुई है। बावजूद इसके पुलिस कहीं पर भी गंभीर दिखाई नहीं दी। ऐसे में पुलिस की कार्यशैली व सुरक्षा को लेकर बरती जाने वाली सजगता सवालों के घेरे में है। राजस्थान पत्रिका की ओर से किए गए स्टिंग ऑपरेशन में यह बड़ी चूक खुलकर सामने आई। जिसमें लाइसेंसशुदा हथियार रखने वाले दोनों युवक शहर में स्थित पुलिस के पांच थाने और दो पुलिस चौकियों के सामने से होकर गुजरे। इस दौरान कई पुलिसकर्मियों की नजर इन पर पड़ी। लेकिन, इनके पास हथियार देख लेने के बाजवूद उन्होंने मुंह फेर लिया। दो से ढाई घंटे के बीच गुजरे इस वक्त के दौरान गश्त करने वाली मोबाइल पुलिस टीम भी इनके सामने होकर गुजरी। परंतु इसने भी इन्हे रोकना मुनासिब नहीं समझा। हालांकि इन दोनों युवकों को निर्वाचन विभाग के आदेश पर जिला प्रशासन ने आचार संहिता में भी हथियार रखने की छूट दे रखी है। लेकिन, इस तरह खुले में हथियारों के साथ घूमना कहीं ना कहीं पुलिस व्यवस्था की भी पोल खोलता है।


यह थाने और चौकी रही शामिल
उद्योग नगर थाने के सामने से रवाना होकर हथियार लेकर निकले। रास्ते में महिला थाना, यातायात पुलिस, कल्याण सर्किल चौकी, कोतवाली थाना, रानी शक्ति चौकी व सदर थाना होते हुए शहर के ऐसे कई ट्रेफिक पोइंटों से होते हुए गुजरे। परंतु पुलिस अपने काम में जुटी रही और यह दोनों वापस बिना रोक-टोक वापस आ गए। हथियार लेकर चलने वाले दोनों युवकों का कहना था कि पुलिस कई कामों में व्यस्त रहती है। लेकिन, सुरक्षा के हिसाब से उसे भी हथियारों को लेकर जागरूकता बरतनी चाहिए।

इनको है छूट
नियमानुसार बैंक सुरक्षाकर्मियों, सीमा सुरक्षा बल, अद्र्धसैनिक बल, सैनिक बल, सशस्त्र पुलिस, सिविल डिफेंस, होमगार्डस, एवं उन राज्यों एवं केंद्रीय अधिकारी व कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। जो, कानून व्यवस्था के संबंध में ड्यूटी देने के लिए अपने पास हथियार रखने को अधिकृत हो। इसके अलावा राइफल एसोसिएशन एवं स्पोर्टसमैन जो राइफल एसोसिएशन के सदस्य होकर विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं में भाग लेते रहते हो।


हथियार से ज्यादा चालान पर ध्यान
एक थाने के बाहर पुलिस की टीम चालान काट रही थी। जबकि इनकी बगल से यह दोनों युवक हथियारों के साथ बाइक पर गुजरे। लेकिन, पुलिस टीम केवल चालान काटने में व्यस्त रही और इनको देखकर भी अनदेखा कर दिया। इसी तरह सडक़ पर ये दोनों एक महिला पुलिसकर्मी की बाइक के ठीक आगे चल रहे थे। परंतु उसने भी इनको रूकने का इशारा तक नहीं किया।

आइजी के सख्त निर्देश
आचार संहिता लगने के बाद खुद आइजी ने पुलिस को विशेष निर्देश जारी कर रखे हैं। जिनमें लोकसभा चुनाव तक लाइसेंस शुदा हथियार थानों में जमा करने की प्राथमिकता शामिल है। जबकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि जिले में लाइसेंस सहित हथियार रखने वालों की संख्या 2200 के करीब है। लेकिन, पुलिस के पास अभी चार सौ हथियार जमा होना बाकी है।


छूट मिलने वालों के अलावा आचार संहिता लगने के बाद पुलिस 80 फीसदी लाइसेंस शुदा हथियार थानों में जमा कर चुकी है। पुलिस हथियार जमा नहीं कराने वालों के लिए भी मुस्तैदी से काम कर रही है। इसके लिए थानाधिकारियों को भी विशेष निर्देश जारी किए हुए हैं। -डा. अमनदीप सिंह कपूर, पुलिस अधीक्षक सीकर

Updated on:
24 Mar 2019 05:29 pm
Published on:
24 Mar 2019 05:14 pm