-बाबा श्याम के जयकारों से गूंजी खाटूनगरी
Khatushyamji Fair 2022: खाटूश्यामजी/सीकर. लखदातार की जय...श्याम प्यारे की जय... हारे के सहारे की जयण्ण्। इन जयकारों से रविवार को खाटूनगरी दिनभर गूंजती रही। श्याम सरकार की एक झलक पाने को देश के कोने कोने से आए भक्तों की दिनभर कतार लगी रही। कोई पैदल चलकर तो कोई पेट के बल बाबा के हाजिरी लगाने पहुंचा। रींगस से लेकर मंदिर तक दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लगी रही। पिछले सात दिनों से पूरी रात दर्शनों का दौर जारी है। एकादशी पर सबसे पहले श्याम दीदार पाने को भक्त दशमी की को ही लाईनों मे जा डटे। इधर एकादशी पर बाबा के दर्शन पाने को श्रद्धालु बेताब है। लाखों श्रद्धालु पैदल चलकर तो कोई वाहनों में सवार होकर रात को ही खाटू पहुंच गए। जो एकादशी पर अपने कुल देवता के दर्शन कर मनौतियां मांगेगे। देश विदेश में विख्यात सीकर जिलें के खाटूधाम में श्रद्धा का सैलाब उमड़ रहा है । बाबा श्याम के लक्खी मेले में दशमी तक करीब सात लाखों श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे।
रींगस से शुरू हो जाता है पद यात्राओं का दौर
बाबा के दरबार में कोई कोसो दूर पैदल चलकर आया रहा है तो पेट पलायन करने वालों की भी लंबी कतारें लगी है । अनेक श्रद्धालु रींगस से खाटू में प्रवेश करते है तोरण द्वार से दंडवंत श्याम के मंदिर में पहुंचते है तो हजारों लोग रींगस से ही पेट के बल व कनक दण्डवत करते आ रहे है।
रथयात्रा आज
बाबा श्याम की रथयात्रा एकादशमी को निकालेगी। रथ पर सवार बाबा श्याम की झांकी श्याम मंदिर के सामने से होकर शनि मंदिरए जांगिड़ मौहल्लाए अस्पताल चौराहाए पुराना बस स्टैंड से होकर कबूतर चौक पहुुचेगी। यात्रा में सजी बाबा श्याम की झांकी के दर्शनो के लिए श्रद्धालु यात्रा में शामिल होगें ।
मन में सिर्फ श्याम दरस की आसए हर ओर सेवा सत्कार की बहार
रोशनी से नहाए रींगस से खाटू सहित संपूर्ण दर्शन मार्ग पर घंटो का समय पल भर में बीत रहा है। खाते पीते ना नुकुर करते बाबा श्याम के जयकारें और भजनों पर झूमते हुए भक्त बाबा की नगरी पहुंच रहे हैं। जहां श्याम भजनों व बाबा के जयकारों से गूंज रहे खाटूधाम के तोरण द्वार से पहले मुख्य प्रवेश मार्ग पर पहुंचते ही ढ़ोल नगाड़े वाले इंतजार कर रहे है। अभी करीब दस किलोमीटर लाईन में लगकर चलना है मगर मंजिल पास ही दिखाई पड़ रही है। यहां भी बाबा के जयकारे लगाये जा रहे है और सभी दर्शनार्थी भजनों पर झूमते हुए बाबा के दरबार में आहिस्ता आहिस्ता आगें बढ़ रहे है। पूरा मार्ग रोशनी से जगमग है तो यहां भी सेवा सत्कार की बहार है। चारण व लखदातार मैदान में बने जिगजैग एवं बेंरिकेडिग़ में शीतल पेयए नारंगीए टाफियांए नीम्बू पानी आदि पिलानें में स्वयं सेवकों के साथ ही स्काऊट के नन्हे बच्चे सेवा को आतुर है।