सीकर

कोहरे के आगोश में अंचल

  फतेहपुर में फिर माइनस में पारा
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Dec 26, 2018
sikar cold weather news
कोहरे के आगोश में अंचल

हवा की गति: एक किलोमीटर प्रति घंटा

फतेहपुर/सीकर . क्षेत्र में कड़ाके की सर्दी से राहत नजर नहीं आ रही है। फतेहपुर का तापमान एक बार फिर मानइस में एक डिग्री पहुंच गया। सीकर शहर में मंगलवार को सीजन का पहला घना कोहरा छाया। पूरे क्षेत्र में शीतलहर एवं सर्दी का प्रकोप बना हुआ है। मंगलवार अल सुबह से ही क्षेत्र में घना कोहरा छाया रहा। इसके कारण कड़ाके की ठंड होने से लोग खासे परेशान हुए। फतेहपुर में देर रात से ही मौसम के तेवर तल्ख हो गए। सुबह से लोग अलाव का सहारा लेकर बैठ गए। वहीं हाइवे पर वाहन रेंग रेंग कर चलते हुए नजर आएं। ग्रामीण इलाकों में कोहरा इतना घना था कि बीस फीट दूरी पर भी दिखाई नहीं दे रहा था। फतेहपुर कृषि अनुसंधान केन्द्र पर तापमान में 2.8 डिग्री की गिरावट होने से तापमान माइनस में एक डिग्री और अधिकतम तापमान 21.5 डिग्री दर्ज किया गया। दिनभर क्षेत्र में शीतलहर चलती रही। शीतलहर के कारण लोगों को पूरे दिन गर्म कपड़े पहनने पड़े। आलम यह था कि सूर्य की धूप भी बेअसर साबित हुई। सूरज उगने के बाद कोहरा धीरे धीरे कम हुआ। शाम होते ही सर्द हवाओं का दौर तेज हो गया।
आगामी दिनों में और सताएगी सर्दी
फतेहपुर कृषि अनुसंधान केन्द्र के अनुसार सर्दी का दौर आगामी दिनों में बढ़ेगा। सात दिनों की बात कि जाएं तो यह दिसंबर के सबसे सर्द दिन होते है। कई वर्षों में इन दिनों में खासी सर्दी देखने को मिली थी। इस बाद सर्दी कुछ दिन पहले शुरू हो गई, लेकिन दिसंबर के अंतिम सप्ताह में कई वर्षों से तापमान माइनस में जा रहा है। इस बार भी मौसम को देखते हुए लग रहा है कि आगामी सात दिन तक सर्दी से राहत मिलने की संभावना कम ही है। कोहरा बादलों की तरह वायुमंडल में आवरण का काम करता है। कोहरा छंटने के साथ ही कड़ाके की सर्दी पड़ सकती है।
हवाओं का सितम
कोहरा छंटने के बाद उत्तरपूर्वी हवाओं ने जमकर सितम ढहाया। हवा की गति एक किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली। दोपहर में हवाओं की गति ज्यादा हो गई। हवा में नमी बढऩे से गलनभरी सर्दी ने लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी। कोहरा छाने से लोग रोडवेज व रेलवे में भी यात्री भार कम रहा। इस कारण सुबह 11 बजे तक राजमार्गों पर चलने वाले वाहन चालक खासे परेशान रहे।

प्रति बीघा लागत में आएगी कमीओस रूपी बारिश होने से बारानी क्षेत्र में रबी की फसलों की अच्छी बढ़वार होगी। वहीं सिंचित क्षेत्र में सरसों, चना, मैथी सहित अन्य फसलोंं को फायदा होगा। चार-पांच दिन तक ओस गिरने का क्रम जारी रहा तो फसलों में अतिरिक्त सिंचाई की आवश्यकता नहीं होगी। इस कारण किसानों के खेतों पर बिजली की खपत कम हो जाएगी। सर्दी बढऩे से भूमि में नमी ज्यादा होगी किसान की प्रति बीघा लागत में कमी आएगी।

Published on:
26 Dec 2018 05:42 pm