
सीकर.
कहते हैं जर, जोरू और जमीन। अक्सर लठ बजवा देते हैं। आज हम बात जर (धन), जोरू (पत्नी) की नहीं बल्कि सिर्फ जमीन की कर रहे हैं। जमीन के लिए खून बहता तो आपने खूब देखा होगा। गोलियां चलने तक की बात भी सुनी होगी। जमीन के झंझट में कईयों का कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाना भी कोई नई बात नहीं है।
तो भइया जी! नई बात ये है कि दो भाई जमीन के लिए अनूठे तरीके से लड़े, जो हर तरफ चर्चा का विषय बन गया। मामला राजस्थान के सीकर जिले के गांव रामबक्शपुरा का है। घटना 2016 की है, मगर लड़ाई रोचक है इसलिए इतने साल बाद एक बार फिर से इसके जिक्र किया जा रहा है।
भाइयों ने ट्रैक्टरों से की लड़ाई
-सीकर के गांव रामबक्शपुरा का रामलाल उर्फ रामू व उसका भाई झूमर की सड़क के किनारे पर 30 बीघा जमीन थी। दोनों भाई-भाई आधे-आधे हिस्से पर काजिब थे।
-दोनों के बीच जमीन को लेकर लम्बे समय से विवाद चल रहा था। 12 जनवरी 2016 रात को दोनों भाइयों में विवाद हो गया।
-पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट और खूनी संघर्ष में बदल गई। दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए।
-खास बात ये थे कि लड़ाई के दौरान दोनों भाई ट्रैक्टरों पर सवार हो गए और एक-दूसरे को मरने-मारने पर उतारू हो गए।
-दोनों ने टै्रक्टरों से खूब जोर आजमाइश की। आमने-सामने ट्रैक्टर थे। जोर-आजमाइश से दोनों ट्रैक्टरजमीन में धंस गए।
नई गाडिय़ां भी की आग के हवाले
विवाद शुरू होते हुए ही दोनों पक्षों के लिए वाहनों में सवार होकर मौके पर पहुंच गए। इस दौरान एक कार व बोलेरो के शीशे तोड़ दिए। चार मोटरसाइकिलों के आग के हवाले कर दिया गया। इनमें नई गाड़ी भी शामिल थी। इसके अलावा कड़वी के भी आग लगा दी गई थी।
कोबरा टीम ने पहुंचकर पाया काबू
रामबक्शपुरा गांव में खूनी संघर्ष की सूचना पाकर सीकर से तत्कालीन एएसपी प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में भारी पुलिस बल, आरएसी के जवान और कोबरा टीम मौके पर पहुंचे तब उन्हें दोनों पक्षों में हुए खूनी संघर्ष की भयावह तस्वीर देखने को मिली थी।