
सीकर.
1. मेडिकल कॉलेज
शिक्षा नगरी के तौर पर पहचान बनाने वाले सीकर में अब भी मेडिकल कॉलेज की स्थापना नहीं हो सकी है। पिछले चुनाव में इस मुद्दे की सबसे ज्यादा गूंज रही। जन संगठनों की प्रमुख मांग है कि सीकर मेडिकल कॉलेज को जल्द शुरू कराया जाए। वहीं शेखावाटी विवि के नए भवन को बजट देने की भी मांग उठी।
2. मिनी सचिवालय
शहर में जाम की समस्या के पीछे बड़ी वजह सभी कार्यालयों का एक ही मार्ग पर होना है। ऐसे में जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए मिनी सचिवालय के प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाना होगा।
3. रोप-वे
हर्ष पर्वत पर रोप-वे की सुविधा नहीं है। इस कारण पर्यटन के हिसाब से सीकर पिछड़़ा हुआ है। जनप्रतिनिधियों को हर्ष को पर्यटन के हिसाब से विकसित कराना होगा।
4. आवारा पशु
शहर में आवारा पशुओं की बड़ी समस्या है। कई बार नंदीशाला के दावे हुए। लेकिन जनता को राहत नहीं मिली। आवारा पशु कई लोगों की जान ले चुके हैं। इसके बाद भी नंदीशाला नहीं मिली।
5. कुम्भाराम लिफ्ट योजना
विधानसभा के कई गांव-ढाणियों में भी पेयजल बड़ी समस्या है। यमुना व कुम्भाराम लिफ्ट योजना भी बनी, लेकिन कागजों से बाहर नहीं आई। जनप्रतिनिधियों को इसका समाधान कराना होगा।
6. नए पार्क
सीकर शहर में पार्को का अभाव है। पिपराली रोड व नवलगढ़ रोड इलाके में नए पार्क बनने चाहिए। नई कॉलोनियों में स्ट्रीट लाइट व सडक़ नेटवर्क को अधिक बढ़ाने की आवश्यकता है।
7. खेल स्टेडियम
सांवली रोड स्थित खेल स्टेडियम में वर्षो बाद भी सभी खेलों के मैदान नहीं बन सके। कोचिंग के नाम पर महज दिखाया है। युवाओं को विभिन्न ट्रेड का भी प्रशिक्षण दिलाना होगा।
8. सैनिक स्कूल
सीकर में सैनिक स्कूल, सीकर को संभाग मुख्यालय का दर्जा देने, अलग से एज्युकेशन एरिया बनाने की मांग लंबे समय से अटकी हुई है। वहीं हाट बाजार व सब्जी मंडी का भी वर्षो से इंतजार है।
9. नवलगढ़ पुलिया
नवलगढ़ पुलिया पर दिनभर जाम की समस्या रहती है। इसको फोरलेन करने की घोषणा कई बार हो चुकी है। लेकिन जनता को अब तक राहत नहीं मिली। लोगों की मांग है कि फोरलेन पुलिया पर फुटब्रिज भी बनें।
10. छात्रावास
कामकाजी महिलाओं को छात्रावास का इंतजार है। दस वर्ष पहले बनी योजना को अब तक बजट नहीं मिला। शहर में अंडर ग्राउण्ड केबल, शहर के सौन्दर्यकरण सहित अन्य योजनाओं का इंतजार है।