सीकर

Sikar: कोचिंग सेंटर वाले छात्रों से एकमुश्त नहीं ले सकेंगे फीस और 10 दिन में रिफंड होगा अनिवार्य, जानें नए नियम

Sikar News: सीकर में जिला स्तरीय कोचिंग निगरानी समिति ने कोचिंग संस्थानों पर सख्त नियम लागू करते हुए अभिभावकों और विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। बैठक में तय किया गया कि अब बिना पंजीकरण कोई भी कोचिंग संचालित नहीं होगी और छात्रों से एकमुश्त फीस लेना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
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Dec 09, 2025
Sikar Coaching Meeting
कोचिंग निगरानीसमिति की बैठक में मौजूद सदस्य (फोटो: पत्रिका)

Coaching Centre New Rules: सीकर जिला स्तरीय कोचिंग निगरानी समिति की बैठक एडीएम रतन कुमार स्वामी की अध्यक्षता में हुई। राजस्थान कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) अधिनियम 2025 के तहत हुई बैठक में पहली बार अभिभावकों और विद्यार्थियों को राहत देने वाले फैसले हुए।

जिले में संचालित सभी कोचिंग सेंटरों को गतिविधियां शुरू करने से पहले निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। कोचिंग सेंटर की प्रत्येक शाखा को पृथक संस्थान मानते हुए उसका अलग-अलग पंजीकरण किया जाएगा।

समिति ने स्पष्ट किया कि कोई भी कोचिंग सेंटर एकमुश्त फीस नहीं लेगा तथा अभिभावकों से फीस चार किस्तों में ही ली जाएगी। पाठ्यक्रम की अवधि के अनुपात में फीस निर्धारित की जाएगी। कोचिंग छोड़ने की स्थिति में विद्यार्थियों को 10 दिनों के भीतर अनुपातिक फीस लौटाई जाएगी।

कोचिंगों में बनेगा शिकायत प्रकोष्ठ

समिति सदस्यों ने बताया कि विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए प्रत्येक कोचिंग संस्थान में शिकायत निवारण के लिए प्रकोष्ठ और शिकायत पेटिका स्थापित किया जाए।

कोचिंग सेंटरों को भारत सरकार, सुप्रीम कोर्ट एवं हाइकोर्ट की मार्गदर्शिकाओं की पूर्ण अनुपालना करनी होगी। सभी कोचिंग सेंटरों को स्थानीय अग्निशमन विभाग से वैध अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा।

प्रत्येक कोचिंग सेंटर को अपने पाठ्यक्रम की पूर्ण अवधि, सिलेबस व संरचना विद्यार्थियों को स्पष्ट रूप से बतानी होगी। हॉस्टल संचालक एवं फेकल्टी सदस्य द्विमासिक रूप से विद्यार्थियों के साथ बैठक कर सुझाव प्राप्त करेंगे। कोचिंग सेंटर के स्थानांतरण पर अधिनियम के नियमों के तहत प्रतिबंध लागू होंगे।

हर दो माह में समिति की बैठक होगी

जिले में कोचिंग संस्थानों की प्रभावी मॉनिटरिंग तय करने के लिए सीकर जिला स्तरीय समिति की बैठक न्यूनतम प्रत्येक दो माह में आयोजित की जाएगी। विद्यार्थियों डिप्रेशन दूर करने एवं नशा मुक्ति के लिए मनोवैज्ञानिक चिकित्सकों से परामर्श एवं काउंसलिंग करवाई जाए और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएं।

बैठक में जिला परिषद के सीइओ राजपाल यादव, सीओ सिटी संदीपसिंह, डीटीओ ताराचंद बंजारा, जिला साक्षरता अधिकारी चन्द्रप्रकाश महर्षि, सहायक निदेशक प्रशासनिक सुधार विभाग इंदिरा शर्मा, समन्वयक राकेश लाटा सहित निगरानी समिति के सभी सदस्य व शहर की कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधि आदि मौजूद रहे

Updated on:
09 Dec 2025 03:04 pm
Published on:
09 Dec 2025 03:04 pm