सीकर. रामनवमी के साथ आज सीकर का स्थापना दिवस है। संवत 1744 यानी सन 1687 में बसा सीकर आज 339 वर्ष का हो गया है, जिसमें 260 साल की सबसे लंबी अवधि राजशाही की रही। आज हम आपको पहली बार इस अवधि में राज करने वाले सभी 11 राजाओं की तस्वीर के साथ उनसे जुड़ी […]
सीकर. रामनवमी के साथ आज सीकर का स्थापना दिवस है। संवत 1744 यानी सन 1687 में बसा सीकर आज 339 वर्ष का हो गया है, जिसमें 260 साल की सबसे लंबी अवधि राजशाही की रही। आज हम आपको पहली बार इस अवधि में राज करने वाले सभी 11 राजाओं की तस्वीर के साथ उनसे जुड़ी प्रमुख उपलब्धियां व घटनाएं बता रहे हैं। पेश है सीकर स्थापना दिवस पर खास रिपोर्ट...।
1. राव दौलत सिंह (सन 1687): संवत 1744 में सीकर की स्थापना की। उन्होंने अपने सिहोट ठाकुर भोपत सिंह से पिता की हत्या का बदला लिया।
2. राव शिविसिंह (सन 1721): इन्होंने सीकर शहर का परकोटा, नहर व गोपीनाथजी का मंदिर बनवाया। फतेहपुर पर अधिकार और जयपुर से मिलकर मराठों से युद्ध किया।
3. राव समर्थसिंह (सन 1748): फतेहपुर के साथ लड़ाई में ये बहादूरी से लड़े। इसके अलावा इनकी कोई विशेष उपलब्धि नहीं रही। ज्यादा लोकप्रिय भी नहीं रहे।
4. राव नाहर सिंह (सन 1754): सीकर में सबसे कम दो साल का शासन इनका ही रहा। समाज में इनकी छवि अच्छी नहीं रही।
5. राव चांदसिंह (सन 1756): इन्होंने सीकर रियासत को गनेड़ी तक बढ़ाया। उनकी मृत्यु भी वहीं हुई। गनेड़ी में अब भी चांदसिंह छतरी प्रसिद्ध है।
6. राव देवी सिंह (सन 1763): जिले में रामगढ़ और रघुनाथगढ़ कस्बे उन्हीं की देन है। हर्ष रोड पर देवगढ़ और बावड़ी गेट स्थित रघुनाथजी का मंदिर भी उन्होंने ही बनवाया।
7. राव राजा लक्ष्मणसिंह (सन 1795): ये राव देवी सिंह व रानी बणिरोत के पुत्र थे। लक्ष्मणगढ़ इन्होंने ही बसाया था। इनके नाम की वजह से ही वह लक्ष्मणगढ़ कहलाया।
8. रामप्रताप सिंह ( सन 1833): डूंगजी जवाहर जी इनके समकालिक थे। मुकुन सिंह सिंगरावट पर हमला करने पर इन्होंने भवानी तोप का इस्तेमाल कर उसे मुक्त करवाया।
9. राव राजा भैरोसिंह (सन 1850): इन्होंने शहर में चांदपोल, सूरजपोल और नया दूजोद दरवाजा बनवाया। घंटाघर के पास भैरोंगंजबंस्ती बसाई, जहां आज भी भैरोंजी का मंदिर है।
10. राव राजा माधव सिंह (सन 1866): 56 वर्ष के सबसे लंबे कार्यकाल में माधव निवास, जुबली हॉल व सांवली कोठी, माधव सागर तालाब, हर्ष तक रोड, दिल्ली में सीकर हाउस इन्हीं की देन रही। इंगलैंड यात्रा में ब्रिटिश सरकार ने केसीआइ व सर उपाधि दी।
11. राव राजा कल्याण सिंह (सन 1922): अंतिम शासक सबसे लोकप्रिय व जनहितैषी रहे। एसके स्कूल, एसके कॉलेज, कल्याण सर्किल, कल्याणजी का मंदिर सहित विभिन्न सामाजिक सारोकारी कार्य किए।