सीकर

बेटियों ने खत में पीएम मोदी को लिख डाली मां-बाप की बेबसी

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Oct 18, 2018
Sikar Girl Wrote letter to PM Modi For Help
Sikar Girl Wrote letter to PM Modi For Help

सीकर. गुर्दे और कैंसर जैसी बीमारी से पीडि़त लक्ष्मणगढ़ तहसील के भैरूपुरा गांव निवासी सत्यनारायण सैनी का परिवार टूट चुका हैं। परिवार में पत्नी के अलावा छह बेटियां और 16 वर्ष का बेटा हैं। पत्नी मंजू देवी गांव के ही एक सरकारी स्कूल में बच्चों के लिए खाना पकाती हैं।


कर्जा लेकर बीमारी में लगाया पैसा भी अब कोई काम नहीं आ रहा हैं। इलाज के अभाव में मरणासन्न स्थिति में पिता को हालत देख बेटियों ने प्रधानमंत्री व राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग अध्यक्ष को पत्र लिखकर गुहार लगाई है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि हमें अपने पिता के इलाज के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष से कुछ मदद दिलवाई जाए।

बेटियों ने लिखा कि बीमारी का इलाज कराने की बात तो दूर हमारे पास दो वक्त के खाने का बंदोबस्त करना भी मां के लिए मुश्किल हो रहा है। हर पंद्रह से बीस दिन बाद तीन से चार दिन के लिए अस्पताल में भर्ती करना पड़ता हैं। महंगे इलाज ने परिवार की आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया हैं।


पिता दो वर्ष से बीमार


सत्यनारायण पिछले दो वर्ष से बीमार है। कैंसर के साथ दोनों गुर्दे खराब हो चुके हैं। सात आठ महीनों से लगातार सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा हैं। लेकिन किसी भी अस्पताल से सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिला। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने का यह भी सबसे बड़ा कारण रहा हैं। पत्नी ने गांव वालों से कर्जा ले रखा हैं। अब तो उन्होंने भी कर्जा देने से मना कर दिया हैं।


पोषाहार का खाना पकाने के बाद महीनेभर बाद हाथ में 2400 रुपए आते हैं। जमीन का एक कतरा नहीं है। सत्यनारायण सैनी बीमारी से पहले दूसरों की खेतों में काम कर बांटे का हिस्से से परिवार का खर्च चलाता था। पत्नी अब अनाज भी गांव वालों से उधार लेकर परिवार का पेट भर रही हैं।


सहकारी सोसायटी बैंक से सत्यनारायण सैनी ने 30 हजार रुपए का कुछ साल पहले ऋण लिया था। ऋण माफ करने के सरकार के आदेश सुन कर थोड़ी राहत महसूस हुई। लेकिन जब बैंक जाकर पता किया तो उन्होंने ऋण माफ करने साफ मना कर दिया। बैंक वालों का कहना है कि आपके पास जमीन नहीं है।

Published on:
18 Oct 2018 11:18 am