
सीकर। पांच साल पहले बेटी, छह महीने पहले बहू व उसके 7 दिन बाद बेटे ने आत्महत्या कर ली और अब पत्नी ने फंदा लगा लिया। घर में अकेले रह गए हरिराम का हंसता खेलता परिवार तबाह हो गया। मामला कटराथल गांव का है। जहां बिमला देवी (50) ने शुक्रवार को फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
छह महीने पहले बेटे व बहू को खोने का दुख वह झेल नहीं पाई और आखिर मौत को गले लगा लिया। पुलिस के मुताबिक बिमला व उसका पति हरिराम घर पर ही थे। हरिराम कमरे में सो गया। दो घंटे बाद उठा तो बिमला दिखाई नहीं दी। वह पशुओं के बाड़े में फंदे पर लटकी मिली। पांच साल पहले बेटी ने भी खुदकुशी कर ली थी।
अकेला बचा है हरिराम
पहले बेटी, फिर बेटा व बहू और अब पत्नी को खोने वाला हरिराम अकेला बचा है। पत्नी की मौत की खबर से वह बेसुध हो गया। बार-बार कह रहा था कि मेरा पूरा परिवार तबाह हो गया।
इसी साल 23 फरवरी को बिमला की पुत्रवधू प्रियंका ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। प्रियंका फोरेस्ट गार्ड की नौकरी करती थी। उसकी मौत के बाद पीहर पक्ष ने ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज करवाया था।
इससे आहत होकर 3 मार्च को ही बिमला के बेटे राहुल ने जहर खा लिया था। जिससे उसकी भी मौत हो गई थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही प्रियंका के परिजन राहुल को धमका रहे थे। उन्होंने पुलिस जांच पर भी सवाल उठाए थे। राहुल की मौत पर प्रियंका के पीहर पक्ष के आठ लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज हुआ था।
राहुल की मौत के बाद से ही उसकी मां बिमला सदमे में थी कि उसके बेटे को न्याय नहीं मिला। पुलिस ने उसको आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। बिमला के एक बेटा व एक बेटी ही थी। उसकी बेटी ने भी करीब पांच साल पहले आत्महत्या कर ली थी।