
सीकर। जिले के पचार गांव में हिस्ट्रीशीटर बनवारीलाल मीणा को 70-70 गैंग के 20 से अधिक बदमाशों ने अपहरण कर सरियों, रॉड, लाठियों से जानलेवा हमला किया था। उसे बेहोशी की हालत में सड़क पर डाल गए थे। अब परिवार व गांव के लोग अब मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने व मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने, मामले की जांच अधिकारी बदलने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। मृतक के बड़े भाई सोहनलाल मीणा ने आरोप लगाते हुए बताया कि वह स्वयं पिछले तीन साल से गांव के सरंपच व अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले उठा रहा है। आरोप है कि उसके भाई की हत्या करने वाले आरोपी 70-70 गैंग के बदमाश जमीनों पर कब्जा करने, बजरी बेचने, मादक पदार्थ तस्करी करने के साथ ही बजरी माफिया हैं।
पीड़ित सोहनलाल लगातार उनकी शिकायतें कर रहा था। ऐसे में गांव के कुछ युवक व 70-70 गैंग के गुर्गां ने ने 24 जुलाई को उनके घर के सामने तीन चार गाड़ियों घुमाई थी और बनवारी को जान से मारने की धमकियां दी थीं। आरोप है कि बदमाशों ने फोन पर भी बनवारी को धमकियां दी थी।
मृतक हिस्ट्रीशीटर बनवारीलाल के बड़े भाई सोहनलाल मीणा पुत्र मोहनलाल निवासी पचार ने दांतारामगढ़ थाना में मामला दर्ज करवाया। वीरेंद्र ने आरोप लगाया है कि बदमाशों के पास पिस्टल भी थी, जिसे दिखाकर बदमाशों ने उसे व बनवारी को डराया और उसे गाड़ी में डालकर अपहरण कर ले गए थे। गंभीर रूप से हमला कर नाडा चारणवास सड़क पर डाल गए थे। दांतारामगढ़ थाना पुलिस ने कुछ युवकों को हिरासत में लिया है।
सोहनलाल ने बताया कि उसके भाई बनवारीलाल को पहले भी बदमाशों ने जान से मारने की धमकियां दी थी। दांतारामगढ़ थाना में उसने इसकी शिकायत भी की थी, बावजूद इसके बैखोफ बदमाशों ने उसके भाई का अपहरण कर हत्या कर दी। मीणा ने बताया कि वे तीन भाई हैं। वह और उनका बड़ा भाई पूरणमल मीणा खेती व मजदूरी करते हैं। बनवारी लाल पर पिछले डेढ़ साल से कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है और वह अपराध से दूर था। आरोपी मृतक बनवारी लाल का मोबाइल भी ले गए हैं ताकि कॉल डिटेल व अन्य सबूतों को नष्ट कर सकें।
एफआइआर में 70-70 गैंग के 15 से अधिक नामजद आरोपियों के नाम है। सोहनलाल का आरोप है कि बदमाश सोशल मीडिया पर गाड़ियों की रील्स, हाइवे पर गाड़ियां रोककर डांस करने, नेताओं के साथ रील्स बनाकर डालकर लोगों में भय पैदा करते हैं।