
फोटो-वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट
जयपुर। वीआइपी आए तो सड़क खाली हो, यह समझ आता है। लेकिन वीआइपी की सुरक्षा के नाम पर बारिश से बच रहे आम लोगों को बस शेल्टर से धक्के देकर बाहर निकाल दिया जाए, यह तस्वीर जयपुर पुलिस के संवेदनहीन चेहरे को एक बार फिर बेनकाब करती है। मंगलवार को जेएलएन मार्ग पर तेज बारिश के बीच ऑफिस से लौट रहे लोग, छात्र और राहगीर मालवीय नगर बस शेल्टर के नीचे खड़े थे। तभी सूचना मिली कि वीआईपी काफिला निकलेगा। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी शेल्टर की ओर पहुंचे और लोगों को हटाना शुरू कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बिना किसी चेतावनी के पहले लोगों को हटने के लिए कहा गया, फिर धक्के देकर शेल्टर से बाहर निकाल दिया गया। शहर में वीआईपी मूवमेंट के नाम पर आमजन के प्रति सिस्टम और पुलिस का शर्मसार करने वाला चेहरा वायरल वीडियो में सामने आया।
महिलाओं, बुजुर्गों, स्कूली बच्चों सहित सभी को शेल्टर से हटाकर तेज बारिश में सड़क किनारे खड़ा कर दिया गया। कई लोगों के हाथों में फाइलें और लैपटॉप बैग थे। वहां मौजूद लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि पुलिसकर्मी लोगों को शेल्टर से बाहर धकेल रहे हैं, जबकि खुद छाते के नीचे खड़े हैं। यह वीडियो कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
यह पहला मामला नहीं है। कुछ समय पहले जगतपुरा में मुख्यमंत्री के काफिले के दौरान मोमोज बेचने वाली एक महिला को धक्का लगने से वह गर्म कढ़ाई के पास गिर गई थी और बुरी तरह झुलस गई थी। तब भी पुलिस की वीआईपी ड्यूटी पर सवाल उठे थे। मामला समय के साथ शांत हो गया, लेकिन व्यवस्था में कोई सुधार नजर नहीं आया।
चमचागिरी करना भारी पड जाएगा पुलिस वाले भैया। वीआइपी प्रोटोकॉल बिल्कुल खत्म कर देना चाहिए। हमारी 5 साल बाद में एक ही ताकत है… वोट। भैया वोट सोच समझ कर दिया करो।
-सुरेश
शर्म की बात। यह इंसान, इंसान को ही नहीं समझता। मानवता तो मर चुकी है।
-गणेश
गाड़ी क्या यात्री प्रतीक्षालय का ऊपर होके जाएगी?
-राकेश
बेशर्म, बेहया, राक्षस… इंसानियत नाम की चीज नहीं है इनमें। कैसा प्रोटोकॉल… किसका प्रोटोकॉल…? तुम सब जनता के नौकर सेवक हो, मालिक नहीं, अपनी सीमा ना भूलो, समय सबका आता है।
-दिवाकर
जेएलएन मार्ग पर शेल्टर के नीचे खड़े लोगों को पुलिसकर्मी द्वारा खदेड़ते हुए वायरय वीडियो की सच्चाई और पक्ष जानने के लिए पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल और डीसीपी पूर्व रंजीता शर्मा को कई बार फोन लगाया गया लेकिन दोनों अधिकारियों ने फोन का कोई जवाब नहीं दिया।
Updated on:
29 Jul 2026 10:22 am
Published on:
29 Jul 2026 10:17 am
