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स्कूलों में पानी पी रहे बच्चे, यहां उनके दूध से बन रहा मावा! जयपुर में बाल गोपाल योजना का 3 हजार किलो मिल्क पाउडर जब्त

जयपुर ग्रामीण पुलिस ने सामोद के चीथवाड़ी में करीब 3 हजार किलो सरकारी दूध पाउडर से भरी पिकअप जब्त की। आशंका है कि पन्नाधाय बाल गोपाल योजना का दूध स्कूलों के बजाय मावा फैक्ट्रियों में खपाया जा रहा था। चालक समेत तीन लोगों को डिटेन कर पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है।
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जयपुर

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Arvind Rao

Jul 29, 2026

Pannadhay Bal Gopal Yojana

सामोद-लोडिंग वाहन से पकड़ा गया दूध (पत्रिका फोटो)

सामोद (जयपुर): एक तरफ सरकार सरकारी स्कूलों के बच्चों को दूध उपलब्ध कराने के लिए राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) को तत्काल आपूर्ति के निर्देश दे रही है। वहीं, दूसरी ओर बच्चों के लिए भेजा जा रहा दूध पाउडर मावा बनाने वाली भट्टियों तक पहुंच रहा है। जयपुर ग्रामीण पुलिस की कार्रवाई ने पन्नाधाय बाल गोपाल योजना की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामोद थाना क्षेत्र में पुलिस ने करीब 3 हजार किलो सरकारी दूध पाउडर से भरा लोडिंग वाहन पकड़ा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह दूध पाउडर स्कूलों में बच्चों को वितरित करने के बजाय मावा फैक्ट्रियों में खपाने के लिए ले जाया जा रहा था।

कई जिलों में नहीं पहुंचा मिल्क पाउडर, विभाग ने लिखा पत्र

कई जिलों में मांग के अनुसार पाउडर मिल्क की आपूर्ति नहीं होने की शिकायतें सामने आई हैं। मिड-डे-मील योजना आयुक्तालय ने आरसीडीएफ को पत्र लिखकर सभी जिलों में तत्काल दूध पाउडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग की ओर से जिलों की मांग के अनुसार आपूर्ति आदेश जारी किए जा चुके हैं। लेकिन कई जगह अब तक दूध पाउडर नहीं पहुंचा है।

चीथवाड़ी में कार्रवाई, चालक समेत तीन पकड़े

जयपुर ग्रामीण पुलिस और डीएसटी टीम ने सामोद थाना क्षेत्र के चीथवाड़ी स्थित गोलाडा की ढाणी में कार्रवाई करते हुए दूध पाउडर से भरी पिकअप जब्त की। पिकअप में करीब तीन हजार किलो दूध पाउडर के पैकेट मिले। पुलिस ने चालक समेत तीन लोगों को पूछताछ के लिए डिटेन किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह दूध पाउडर सरकारी स्कूलों में बच्चों को बांटने के लिए उपलब्ध कराया जाता है।

पुलिस के अनुसार, सरकारी दूध पाउडर की बिक्री प्रतिबंधित है। आशंका है कि इसे मावा बनाने वाली भट्टियों तक पहुंचाया जा रहा था। पूछताछ में पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना है। जब्त दूध पाउडर श्रीगंगानगर, भीलवाड़ा और जयपुर डेयरी निर्मित बताया जा रहा है।

अप्रैल के बाद से कई स्कूलों में शिकायतें

क्षेत्र के कई सरकारी स्कूलों में अप्रैल के बाद से बच्चों को दूध नहीं मिलने की शिकायतें सामने आ रही थीं। ऐसे समय में सरकारी योजना का दूध बाजार में पहुंचने की आशंका ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने संबंधित विभागों को मामले की जानकारी दे दी है। अब जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

क्या है योजना

  • 50 लाख बच्चों को पाउडर से बना दूध दिया जाता है, प्री-प्राइमरी से कक्षा 8 तक।
  • 15 ग्राम पाउडर से 150 मिलीलीटर दूध करते तैयार, कक्षा 1 से 5 के लिए।
  • 20 ग्राम पाउडर से 200 मिलीलीटर दूध करते तैयार, कक्षा 6 से 8 के लिए
  • राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के माध्यम से स्कूलों को दूध पाउडर की डोर-स्टेप डिलीवरी की जाती है।